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🔸 मकान विवाद में 62 वर्षीय वृद्ध की कुल्हाड़ी से हत्या करने वाले सगे नातियों को मिली उम्रकैद
🔸 तत्कालीन थाना प्रभारी नंद किशोर गौतम की मजबूत विवेचना और अभियोजन अधिकारी की प्रभावी पैरवी ने दोनों हत्यारों को दिलाया आजीवन कारावास का दंड
🔸 एसएसपी शशि मोहन सिंह —ठोस साक्ष्य और प्रभावी विवेचना के आधार पर न्यायालय का कड़ा फैसला, गंभीर अपराधों में लगातार हो रही सख्त सजा
बुलंद टाइम्स न्यूज/गणेश भोय
रायगढ़। रायगढ़ पुलिस की प्रभावी विवेचना और अभियोजन की सशक्त पैरवी के परिणामस्वरूप खरसिया के बहुचर्चित वृद्ध हत्या कांड में माननीय न्यायालय ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। गंभीर अपराधों में लगातार हो रहे न्यायिक निर्णय इस बात का प्रमाण हैं कि रायगढ़ पुलिस की मजबूत विवेचना के आधार पर अपराधियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाकर कठोर दंड दिलाया जा रहा है।
इसी कड़ी में दिनांक 01 अगस्त 2026 को श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव, अपर सत्र न्यायाधीश, खरसिया, जिला रायगढ़ के न्यायालय ने सत्र प्रकरण क्रमांक 01/2026 (छत्तीसगढ़ शासन विरुद्ध ओमप्रकाश डनसेना व अन्य) में निर्णय सुनाते हुए थाना खरसिया के अपराध क्रमांक 684/2022 में अभियुक्त ओमप्रकाश डनसेना उर्फ गोलू एवं कार्तिक डनसेना को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 302/34, 427 एवं 449 के अपराध में दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास से दंडित किया। इस मामले की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी खरसिया उप निरीक्षक नंद किशोर गौतम द्वारा की गई है ।
अभियोजन के अनुसार ग्राम सोण्डका निवासी गेंदलाल डनसेना (62 वर्ष) का अपने पुश्तैनी मकान एवं जमीन को लेकर पारिवारिक विवाद चल रहा था। मृतक ने अपनी बहन को रहने के लिए घर में स्थान दिया था, जहां उसके दोनों नाती ओमप्रकाश डनसेना और कार्तिक डनसेना भी रहते थे। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण और संपत्ति पर अधिकार को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद लगातार बढ़ता गया। 25 दिसंबर 2022 को आरोपियों ने मृतक के छोटे भाई के घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ की, जिसकी रिपोर्ट थाना खरसिया में दर्ज हुई। अगले ही दिन 26 दिसंबर 2022 को पारिवारिक बैठक के दौरान विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों आरोपी अपने वृद्ध नाना गेंदलाल डनसेना पर हमला करने दौड़े। जान बचाने के लिए वृद्ध कमरे में छिप गए, लेकिन आरोपियों ने गैस सिलेंडर से दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और टंगिया, फावड़ा एवं डंडे से हमला कर उनकी निर्मम हत्या कर दी।
घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन थाना प्रभारी खरसिया उप निरीक्षक नंद किशोर गौतम (वर्तमान निरीक्षक, जिला राजनांदगांव), चौकी प्रभारी जोबी एएसआई लक्ष्मी राठौर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एक आरोपी कार्तिक डनसेना को घटनास्थल से ही हिरासत में लिया गया, जबकि फरार आरोपी ओमप्रकाश डनसेना को अगले दिन मुखबिर की सूचना पर नावापारा रोड से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने हत्या करना स्वीकार किया। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त टंगिया, फावड़ा, डंडा, गैस सिलेंडर तथा घटना के समय पहने गए कपड़े जब्त किए गए। विवेचना के दौरान महत्वपूर्ण भौतिक एवं मौखिक साक्ष्य संकलित कर न्यायालय में मजबूत चालान प्रस्तुत किया गया। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशों पर चौकी प्रभारी जोबी सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मी नारायण राठौर द्वारा मामले के साक्ष्यों की पेशी सुनिश्चित कराया गया ।
मामले में पुलिस द्वारा प्रस्तुत सुदृढ़ साक्ष्यों एवं अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर माननीय न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह निर्णय गंभीर अपराधों में रायगढ़ पुलिस की गुणवत्तापूर्ण विवेचना और दोषियों को न्यायालय से कठोर दंड दिलाने की प्रतिबद्धता का एक और महत्वपूर्ण उदाहरण है।
👉 एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश
“गंभीर अपराधों में दोषियों को कठोर दंड दिलाना रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वैज्ञानिक विवेचना, ठोस साक्ष्य संकलन एवं अभियोजन के प्रभावी समन्वय का ही परिणाम है कि हत्या जैसे जघन्य मामलों में न्यायालय लगातार दोषियों को कड़ी सजा सुना रहा है। यह निर्णय समाज में कानून का भय स्थापित करने और अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि अपराध करने वालों को हर हाल में न्यायालय तक पहुंचाकर कठोर दंड दिलाया जाएगा।”




