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ताड़ोकी-रावघाट सेक्शन का CRS निरीक्षण और स्पीड ट्रायल पूरा, अब मजबूत होगी ग्रामीण क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी
बुलंद टाइम्स न्यूज/एआर कर्मा
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों को देश के व्यापक रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में भारतीय रेलवे ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना के अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट सेक्शन का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। सिंगल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉडगेज वाले इस रेल खंड का रेलवे संरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा निरीक्षण और स्पीड ट्रायल भी पूरा किया जा चुका है।
95 किलोमीटर की परियोजना का आखिरी पड़ाव पूरा
दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना की कुल लंबाई करीब 95 किलोमीटर है। इसका ताड़ोकी-रावघाट सेक्शन अंतिम और महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे पहले दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक यात्री ट्रेन सेवाएं संचालित हो रही हैं। अब अंतिम सेक्शन के पूरा होने से रावघाट और आसपास के क्षेत्रों तक रेल संपर्क को आगे बढ़ाने का रास्ता मजबूत हुआ है।
CRS ने परखी ट्रैक से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक
नए रेल खंड को परिचालन के लिए तैयार करने से पहले रेलवे संरक्षा आयुक्त द्वारा व्यापक निरीक्षण एवं स्पीड ट्रायल किया गया। इस दौरान रेल ट्रैक, पुल-पुलियों, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग और अन्य सुरक्षा एवं तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की गई।
भिलाई स्टील प्लांट के लिए भी अहम कड़ी
इस रेल परियोजना का महत्व केवल यात्री सुविधा तक सीमित नहीं है। दल्लीराजहरा-रावघाट रेल लाइन का संबंध लौह अयस्क और इस्पात उद्योग की आपूर्ति श्रृंखला से भी है। रेल संपर्क मजबूत होने से भिलाई स्टील प्लांट तक लौह अयस्क के परिवहन को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है। साथ ही कृषि उत्पादों और अन्य वाणिज्यिक माल की ढुलाई के लिए भी यह रेल नेटवर्क उपयोगी साबित हो सकता है।
रायपुर और भिलाई से संपर्क होगा आसान
रेल कनेक्टिविटी बढ़ने से दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों के लोगों को रायपुर और भिलाई जैसे प्रमुख शहरों तक आवागमन में सुविधा मिल सकती है। बेहतर परिवहन से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार से जुड़े अवसरों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा सहारा
रेल नेटवर्क के विस्तार से क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय बाजारों को बड़े शहरों से जोड़ने में मदद मिलेगी और दूरस्थ क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिल सकती है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ के लिए कनेक्टिविटी का बड़ा कदम
ताड़ोकी-रावघाट के अंतिम 17.5 किलोमीटर सेक्शन का पूरा होना केवल एक रेल परियोजना की प्रगति नहीं, बल्कि दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों को बेहतर परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब इस सेक्शन पर यात्री एवं मालगाड़ी परिचालन से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी का प्रभाव और व्यापक हो सकता है।




