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1,188 महिलाओं ने रक्तदान कर पेश की नई तस्वीर, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ रिकॉर्ड
बुलंद टाइम्स न्यूज/अनीश मिश्रा
रायपुर। रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में बुधवार को आयोजित विशाल रक्तदान शिविर में महिलाओं ने बड़ी संख्या में रक्तदान कर रक्तदान को लेकर समाज में मौजूद भ्रांतियों को तोड़ने का संदेश दिया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयुर्वेद सेवा सम्मेलन एवं सेवा महाकुंभ के रूप में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य, सेवा और जनभागीदारी का अनूठा संगम देखने को मिला।

आयोजन में 1,188 महिलाओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान किया। महिलाओं की इस विशेष भागीदारी को आठ घंटे में सर्वाधिक महिलाओं के रक्तदान के प्रयास के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। प्रमाण पत्र में इसे ‘आठ घंटे में महिलाओं का सबसे बड़ा रक्तदान अभियान’ के रूप में दर्ज किया गया है।
रक्तदान के लिए महिलाओं और पुरुषों ने पहले से ही बड़ी संख्या में पंजीयन कराया था। आयोजन की खास बात यह रही कि महिलाओं ने अपने स्वास्थ्य को लेकर समाज में मौजूद विभिन्न आशंकाओं और भ्रांतियों के बावजूद जांच कराई तथा पात्र पाए जाने पर स्वेच्छा से रक्तदान के लिए आगे आईं। विशेष रूप से एनीमिया को लेकर बनी धारणाओं के बीच महिलाओं की भागीदारी ने स्वास्थ्य जागरूकता और जनसेवा का सकारात्मक संदेश दिया।
महिलाओं ने साझा किया रक्तदान का अनुभव
रक्तदान करने पहुंचीं मोतिम साहू ने कहा कि रक्तदान करने के बाद उन्हें बहुत खुशी हुई। उन्होंने कहा कि अपने रक्त के माध्यम से किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने में योगदान देना उनके लिए गर्व और संतोष का विषय है।
कौशल्या धृतलहरे ने कहा कि स्वेच्छा से रक्तदान करने के बाद उनके मन में संतोष है। इतने बड़े सेवा आयोजन का हिस्सा बनना उनके लिए खुशी की बात रही।
वहीं सुनैना सोनी ने कहा कि उनके रक्तदान से दूसरी महिलाओं को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके छोटे से प्रयास से अन्य महिलाएं भी आगे आकर स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित होंगी।
पुरुषों ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
यह आयोजन केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रहा। बड़ी संख्या में पुरुषों ने भी स्वेच्छा से रक्तदान कर सेवा अभियान में अपनी भागीदारी निभाई। आयोजन में 3 हजार से अधिक लोगों के रक्तदान की जानकारी सामने आई है।
रक्तदाता कमलेश साहू ने कहा कि स्वेच्छा से रक्तदान करना उनके लिए सेवा का अवसर है और इतने बड़े आयोजन में शामिल होकर उन्हें विशेष खुशी हुई।
कामता प्रताप ने कहा कि रक्त किस व्यक्ति के काम आएगा, यह पता नहीं होता, लेकिन इतना विश्वास जरूर है कि जरूरत के समय यही रक्त किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने में सहायक बनेगा।
रायपुर में आयोजित इस विशाल रक्तदान अभियान ने यह संदेश दिया कि रक्तदान केवल एक व्यक्ति की मदद नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ समाज में सकारात्मक सोच को भी मजबूती दी।




