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बुलंद टाइम्स न्यूज, फिंगेश्वर/गरियाबंद। ग्राम फुलझर के सादा जीवन और उच्च शिक्षित छवि वाले युवा फागेश्वर कुमार साहू और उनके पूरे परिवार के खिलाफ फर्जी तरीके से शांति भंग का मामला दर्ज कराने का सनसनीखेज आरोप सामने आया है। मामला एसडीएम राजिम न्यायालय में विचाराधीन है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि फागेश्वर कुमार साहू ग्राम से बाहर रहकर शिक्षकीय कार्य करता है और विशेष अवसरों पर ही गांव आता है। गांव में जिसे लोग सादगी के कारण ‘गुरुजी’ के नाम से संबोधित करते हैं, ऐसे व्यक्ति पर शांति भंग का आरोप लगना पूरे गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटना के बाद से परिवार और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
बताया जा रहा है कि ग्राम के कुछ ईर्ष्यालु लोगों ने मिलीभगत कर यह कार्रवाई करवाई है। पीड़ित पक्ष ने न्यायालय से दस्तावेज की नकल प्राप्त कर उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है।
कौन है फगेश्वर साहू
फागेश्वर कुमार साहू ने एम.ए. हिंदी, एम.एससी. गणित-भौतिकी, पीजीडीसीए तक की शिक्षा प्राप्त की है। आर्थिक तंगी के कारण पीएचडी का सपना अधूरा रह गया। बावजूद इसके वह गांव के विकास के लिए लगातार सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2008 में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के सुशासन तिहार में मिडिल स्कूल में शिक्षक की मांग और 2016 में हरियर छत्तीसगढ़ कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की मांग उनकी पहल पर ही पूरी हुई थी, जिसके बाद क्षेत्र को नवोदय और मिनी स्टेडियम की सौगात मिली थी।
तीसरी बार फर्जी प्रकरण का आरोप
पीड़ित परिवार के अनुसार यह पहली घटना नहीं है। वर्ष 2010 में भी मामूली विवाद में परिवार को फंसाया गया था और दूसरी बार मकान निर्माण के दौरान रोक लगाकर परिवार के सभी सदस्यों पर फर्जी प्रकरण दर्ज कराया गया था। पीड़ित का आरोप है कि बार-बार इस तरह की कूटरचना कर उनकी स्वच्छ छवि को धूमिल किया जा रहा है।
पीड़ित ने क्या कहा
पीड़ित परिवार ने बताया कि वर्तमान में चल रहे एससी/एसटी के फर्जी प्रकरणों की आड़ में उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्हें माननीय विशेष न्यायालय रायपुर पर पूरा भरोसा है और न्याय मिलने के बाद मानहानि का दावा भी किया जाएगा।
इस पूरे मामले में फिंगेश्वर पुलिस की भूमिका भी संदेह के घेरे में है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।




