Oplus_131072
विपरीत परिस्थितियों से सुरक्षित आशियाने तक पहुंची जिंदगी, पक्के घर ने दी नई उम्मीद।
बुलंद टाइम्स न्यूज/सुरेश सोनी
नारायणपुर। नक्सल हिंसा की पीड़ा झेल चुके परिवारों के लिए सुरक्षित और स्थायी आवास केवल एक घर नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और नए जीवन की शुरुआत का आधार बनता है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से ऐसे परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। ग्राम पंचायत बड़ेजम्हरी निवासी श्री लक्ष्मण पोटाई की कहानी भी इसी बदलाव की एक मिसाल है। श्री लक्ष्मण पोटाई, पिता स्वर्गीय श्री ईश्वर पोटाई, ग्राम पंचायत बड़ेजम्हरी के निवासी हैं। नक्सल हिंसा ने उनके परिवार को गहरे दुख और कठिन परिस्थितियों में डाल दिया था। नक्सलियों द्वारा उनके पिता स्वर्गीय श्री ईश्वर पोटाई की हत्या कर दी गई थी। परिवार के लिए यह घटना न केवल अपूरणीय क्षति थी, बल्कि इसके बाद जीवन को सामान्य रूप से आगे बढ़ाना भी बड़ी चुनौती बन गया था। परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ एक सुरक्षित और स्थायी आवास की आवश्यकता भी थी।
कठिन परिस्थितियों के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए किए जा रहे विशेष प्रयास श्री लक्ष्मण पोटाई के परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आए। योजना के तहत उन्हें विशेष परियोजना के अंतर्गत नक्सल पीड़ित आवास के लिए पात्रता मिली और पक्के मकान के निर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की स्वीकृत राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही आवास निर्माण से जुड़े श्रम कार्यों के लिए मनरेगा के तहत मजदूरी का लाभ भी मिला।
शासकीय सहायता और परिवार की मेहनत के साथ आवास निर्माण का कार्य आगे बढ़ा। एक-एक कदम आगे बढ़ते हुए परिवार ने अपने सुरक्षित आशियाने का सपना पूरा किया। आखिरकार 9 सितंबर 2025 को आवास का निर्माण पूर्ण हुआ। कच्चे और असुरक्षित आवास की चिंता से बाहर निकलकर परिवार को अब एक पक्का और सुरक्षित घर मिला, जहां वे अपने भविष्य को लेकर नई उम्मीदों के साथ जीवन आगे बढ़ा रहे हैं।
पक्का घर बना सुरक्षा और सम्मान का आधार
श्री लक्ष्मण पोटाई के लिए यह आवास केवल ईंट, सीमेंट और दीवारों से बना एक मकान नहीं है। यह उनके परिवार के लिए कठिन परिस्थितियों से उबरने और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का आधार है। नक्सल हिंसा में पिता को खोने के बाद परिवार ने जिस कठिन दौर का सामना किया, उसके बीच सुरक्षित घर मिलना उनके लिए स्थायित्व और सुरक्षा की भावना लेकर आया है।
पक्का आवास मिलने से परिवार को मौसम की मार और असुरक्षित आवास की चिंता से राहत मिली है। अब उनके पास ऐसा घर है, जिसे वे अपना सुरक्षित आशियाना कह सकते हैं। यह आवास उनके परिवार के लिए सामाजिक सम्मान के साथ-साथ आत्मविश्वास का भी आधार बना है।
श्री लक्ष्मण पोटाई ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पक्का आवास मिलने से उनके परिवार को सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिला है। कठिन परिस्थितियों के बीच शासन की सहायता से मिला यह घर उनके परिवार के लिए नई शुरुआत का प्रतीक है।
पुनर्वास और बेहतर भविष्य की दिशा में कदम
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना केवल आवास निर्माण तक सीमित पहल नहीं है। यह ऐसे परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने, उनके जीवन में स्थायित्व लाने और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
श्री लक्ष्मण पोटाई की कहानी बताती है कि विपरीत परिस्थितियों के बाद भी सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। आज उनका पक्का घर सुरक्षा, सम्मान और उम्मीद का प्रतीक बनकर खड़ा है। नक्सल हिंसा की पीड़ा से गुजर चुके परिवार के लिए यह सुरक्षित आशियाना आने वाले कल को बेहतर बनाने की दिशा में एक नई शुरुआत है।




