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बुलंद टाइम्स न्यूज/रामेश्वर सिंह क्षत्रिय
जांजगीर-चांपा। जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर शिवरीनारायण के आसपास सभी गांव में महानदी की जल स्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है जिससे शिवरीनारायण से गिधौरी जाने के लिए एवं शिवरीनारायण से आसपास जाने के लिए सभी तरह से रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं लोगों को वही के वहीं रुकना दो-तीन दिनों से पड़ गया है शासन प्रशासन की चूस्त दुरुस्त व्यवस्थाएं भी देखने को मिली जिला के सभी बड़े अधिकारी अफसर वहां डेरा जमाये बैठे हुए दिखाई पड़े शिवरीनारायण के चौपाटी और मेला स्थल पर लगभग 5 फीट पानी भरे हुए नजर आए जिसमें कई लोग नाव मैं बैठकर दृश्य को इधर-उधर देखने लगे उसी प्रकार तुस्मा में भी चारों तरफ जल भराव देखने को मिला हमने वहां पर भी प्रत्यक्ष रूप से बाढ़ के स्वरूप को देखते हुए समाचार लिखने का प्रयास किया जिसमें हमारे बीच शिवरीनारायण मठ के महाराज श्री निर्मल दास वैष्णव जी जल भराव के बीच में दिखाई पड़े जहां पर हमारी टीम के साथ हमने पहुंचा श्री वैष्णो जी से जल भराव के लिए कुछ जानकारियां भी हासिल की जिसमें उन्होंने बताया कि शिवरीनारायण में यह स्थिति तब होती है जब गंगरेल बांध से पानी इधर छोड़ी जाती है इस बार खूब बारिश भी हुई जिसमें आसपास की नदियां महानदी में आकर मिले धीरे-धीरे पानी का बहाव कम होते गया जिसके कारण आसपास के गांव में महानदी का पानी घुसता चला गया शिवरीनारायण चारों तरफ से जल मग्न हो गए जिसके कारण वहां से सभी लोगों का संपर्क धीरे-धीरे टूटता चला गया हम भी रास्ते में घिरे हुए हैं उन्होंने बताया कि बारिश रुकने के कारण धीरे-धीरे महानदी का जलस्तर कम होते दिखाई पड़ रहे हैं आगे उन्होंने यह भी बताया कि महानदी के निचले भाग गिधौरी के तरफ आसपास के सारे गांव जलमग्न हो गए हैं जिसमें लोगों की काफी जनधन की हानि हुई है ऐसी हमें जानकारी मिली है गिधौरी के आसपास के लोग अपने घर द्वार छोड़कर पलायन हो चुके हैं और शासन प्रशासन की मदद के लिए गुहार लगा रहे हैं ऐसी स्थिति कई सालों बाद देखने को मिली है अचानक दोबारा बारिश होने के कारण एवं गंगरेल बांध से पानी छोड़ने के कारण यह भयावह स्थिति बनी फिर भी शासन प्रशासन के द्वारा आसपास के लोगों को पहले से चेतावनी दे दी गई थी जिसके कारण बहुत लोगों ने सावधानी पूर्वक अपनी जान को बचाकर राहत शिविरों में पहुंच गए उसके बाद हमने मेला स्थल पर पहुंचकर शाम के समय जलमग्न की स्थिति को देखने का प्रयास किया जहां पर रोज शाम को आरती होती है वहां पूरी तरह से जल मग्न दिखाई पड़े जिसके कारण वहां पंडितों ने अपने स्थान बदलकर चौपाटी के पास बहुत ही सहज ढंग से गंगा मैया की गीत के साथ विधि विधान से पूजा पाठ कर सही समय पर आरती करते हुए दिखाई पड़े जहां आस-पास के सभी लोगों की भीड़ भी नजर आए एवं महानदी का जलस्तर घटने के लिए भगवान से प्रार्थना करते रहे।




