कवर्धा।भारतीय किसान संघ के आह्वान पर किसानों ने गुरुवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शहर में बडा प्रदर्शन किया। जिले के
अलग-अलग गांवों से सैकड़ों की संख्या में किसान ट्रेक्टर लेकर शहर पहुंचें और प्रमुख मार्गो पर चक्काजाम करते हुए अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों की भारी भीड और टैरक्टरों की संख्या को देखते हुए प्रशासन एवं पुलिस विभाग ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। शहर के करीब छह प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडस, लगाकर आवागमन को नियंत्रित किया गया।
वहीं 300 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की गरई। सुबह से ही ग्रामीण छेत्रो से किसानों का शहर की ओर पहुंचना शुरू हो गया था। देखते ही देखते शहर के प्रमुख
मार्गों पर ट्रैक्टरों की कतार लग गई र किसानों ने अलग-अलग स्थानों पर एकजुट होकर प्रदर्शन किया। मुख्य मारगों पर चक्का जाम किए जाने के कारण शहर में यातायात
किए जाने के कारण शहर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। कई मार्गो पर वाहनों की आवाजाही बंद रही, जबकि बैकल्पिक रास्तों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गय।
छह स्थानों पर बैरिकेडिंग, पुलिस की कड़ी निगरानी
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने शहर में करीब छह स्थानों पर बेैरिकेडस लगाएर। संवेदनशील एवं प्रमुख मारगों पर पुलिस बल तैनात किया गया। 300
से अधिक पूुलिस जवानों की मौजूदूगी में पूरे प्रदर्शन पर नजर रखी गई। पुलिस आधिकारियों द्वारा लगातार स्थिति की निगरानी की जाती रही और भीड को
नियंत्रित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की बडी प्रदर्शन के दौरान शहर के मुख्य मार्गो पर किसानों के ट्रेक्टर खडे होने से सामान्य यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।कई जगह लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए बै्कल्पिक मागों का सहारा लेना पड़ा। बाजार एवं व्यावसाथिक कशेन्मों में भी इसका असर दिखार्ई दिया। वही शहर से लगेलगभग सभी निजी स्कूलों में बच्चों की छुूट्टीकर दी गर्ई थी।
गांव-गांव से ट्रैक्टर लेकर पहूंचे किसान
भारतीय किसान संघ के प्रदरशन में जिले कविभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसानशामिल हुए। किसान अपने-अपने गां्वों से ट्रेक्टर लेकर शहर पहुंचे। टेक्टरों के काफिले के साथ किसानों ने शहर में प्रवेश किया और निर्धारित स्थानों पर पहुंचकर प्रदर्शन में भाग या। किसानों की बडी संख्या के कारण शहर के प्रवेश पर भी काफी देर तकजाम की स्थिति बनी रही किसानों का कहना था कि उनकी मांगों को लगातार ध्यान नही दिया जा रहा है, लेकिन अपेकश्षित समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पडा है। प्रदर्शनकारियों न अपनीमांगों के समर्थन में नारेबाजी की और
प्रशासन के सामने अपनी बात मजबूती से रखी।
मुख्य मार्ग बंद, शहर में पसरा सन्नाटा
चक्काजाम के चलते शहर के कई प्रमुख मार्गों पर आवाजाही पूरी तरह ठप रहीं। आमदि्नों में वाहनों से व्यस्त रहने वाले मारगों पर प्रदर्शनकारी किसानों और ट्रेंक्टरों की मौजूदगी के कारण सन्नाटा नजर आया। आवश्यक कार्य से निकलने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पडा। शहर से लगे झेत्रो में भी प्रदर्शन का असर देखने को मिला। किसानों के बडी संख्या में शहर पहूंचने और यातायात प्रभावित होने कारण निजी स्कूल संचालकों ने भी सुरक्षा एवं अवागमन की स्थिति को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी रखी। शहर से लगे लगभगसभी निजी स्कूलों में गुरुवार को छुट्टी रहने की बात सामने आई।
प्रशासन की व्यवस्थयाओ पर रही नजर
बड़े प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी। पूुलिस के बरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और
अलग-अलग स्थानों पर तैनात जवानों सेलगात्तार स्थिति की जानकारी लेते रहे। 6 बेरीजेंटिग के माध्यम से प्रदर्शनकारियों और आम लोगों के आवागमन को अलग रखने का प्रयास किया गया। किसानों के प्रदर्शन के कारण पूरे शहर में दिनभर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बनी रही। सैकडों ट्रेक्टर साथ किसानों की मौजुदगी से प्रदर्शन को जिले का बडा किनसान आंदोलन बना दिया।वहीं मुख्य मार्गो के बंद रहने से शहर की सामान्य दिनचर्या भी प्रभावित रही। परदर्शनके दौरान किसानों अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाते हुए प्रशासन से अपनी मांग रखी।




