बीजापुर | राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, नई दिल्ली के विशेष मॉनिटर श्री आर. हेमंत कुमार ने अपने बीजापुर प्रवास के दौरान जिले में संचालित नक्सल पुनर्वास केंद्र एवं गारमेंट फैक्टरी का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पुनर्वासित युवाओं से मुलाकात कर उनके वर्तमान जीवन, पुनर्वास एवं समाज की मुख्यधारा में लौटने के बाद की परिस्थितियों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
नक्सल पुनर्वास केंद्र में विशेष मॉनिटर श्री हेमंत कुमार ने वहां रह रहे पुनर्वासित युवाओं से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने उनके पूर्व जीवन, पुनर्वास के निर्णय, वर्तमान रहन-सहन, परिवार से जुड़ी परिस्थितियों तथा समाज की मुख्यधारा में पुनः जुड़ने के अनुभवों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह भी जाना कि पुनर्वास के बाद उनके जीवन में किस प्रकार के बदलाव आए हैं तथा उन्हें पुनर्वास के दौरान किन सुविधाओं एवं सहयोग का लाभ मिल रहा है।
इस दौरान पुनर्वासित युवाओं से उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं, रोजगार की संभावनाओं एवं भविष्य की योजनाओं को लेकर भी चर्चा की गई। विशेष मॉनिटर ने उनके अनुभवों को सुनते हुए पुनर्वास प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं एवं उन्हें सामान्य जीवन में स्थापित करने के प्रयासों की जानकारी ली। इस भ्रमण का प्रमुख उद्देश्य पुनर्वासित व्यक्तियों के सामाजिक पुनर्स्थापन एवं सम्मानजनक जीवन से जुड़ी व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को समझना रहा।
इसके पश्चात विशेष मॉनिटर ने गारमेंट फैक्टरी का भ्रमण किया। यहां उन्होंने वस्त्र निर्माण एवं सिलाई से संबंधित गतिविधियों का अवलोकन किया तथा फैक्टरी में संचालित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कार्यरत लोगों से बातचीत कर उनके प्रशिक्षण, कार्य करने के अनुभव, रोजगार के अवसरों एवं आजीविका से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में जानकारी प्राप्त की।



गारमेंट फैक्टरी में कौशल विकास एवं रोजगार के माध्यम से स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने फैक्टरी की कार्यप्रणाली, उपलब्ध संसाधनों एवं कार्यस्थल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान रोजगारपरक गतिविधियों के माध्यम से लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा उन्हें सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराने से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की गई।
विशेष मॉनिटर का यह भ्रमण जिले में पुनर्वास एवं रोजगार से जुड़ी गतिविधियों के अवलोकन की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। एक ओर जहां नक्सल पुनर्वास केंद्र में पुनर्वासित व्यक्तियों के जीवन एवं पुनर्वास की स्थिति को समझा गया, वहीं दूसरी ओर गारमेंट फैक्टरी में कौशल आधारित रोजगार एवं आजीविका की गतिविधियों का जायजा लिया गया।
इस अवसर पर एसडीएम राकेश साहू, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री देवेंद्र पटले, तहसीलदार श्री पंचराम सलामे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




