गणेश ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट :-
जशपुर। गौवंश तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन शंखनाद के तहत दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई की है। सिटी कोतवाली जशपुर और कुनकुरी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कुल 13 गौवंशों को तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया गया है। वहीं, दोनों मामलों में कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल एक पिकअप वाहन भी जब्त किया है।
यह कार्रवाई 2 नवंबर 2026 को डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में की गई।
जंगल के रास्ते पैदल ले जाए जा रहे थे 9 गौवंश
सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस को सुबह करीब 6:30 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग दमेंरा जंगल के रास्ते जकबा होते हुए गौवंशों को पैदल हांककर झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जकबा जंगल के पास घेराबंदी की।
इस दौरान दो व्यक्ति 9 गौवंशों को पैदल ले जाते मिले। पुलिस को देखकर दोनों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने पीछा कर यूसुफ अंसारी (48 वर्ष), निवासी डडगांव, जिला जशपुर को पकड़ लिया। दूसरा आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया।
आरोपी गौवंशों के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने सभी 9 गौवंशों को मुक्त कराते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में इस मामले में तीन अन्य आरोपियों की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद एसडीओपी जशपुर निमितेश सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए कुरैशी (32 वर्ष), मो. एजाज अंसारी (36 वर्ष) और हेमंत यादव (37 वर्ष) को भी गिरफ्तार कर लिया। इस प्रकरण में कुल 4 आरोपियों को जेल भेजा गया है।
पिकअप में भरकर ले जाए जा रहे थे 4 गौवंश, तीन गिरफ्तार
दूसरी कार्रवाई थाना कुनकुरी क्षेत्र में की गई। पुलिस को 2 नवंबर की सुबह करीब 5:45 बजे सूचना मिली कि पिकअप वाहन क्रमांक JH-01-CG-8166 में गौवंशों को भरकर पत्थलगांव-कुनकुरी मार्ग से जशपुर की ओर ले जाया जा रहा है।
सूचना पर पुलिस ने लोयोला स्कूल के सामने नेशनल हाईवे पर घेराबंदी कर संदिग्ध पिकअप को रोक लिया। तलाशी के दौरान वाहन में 4 गौवंश लोड मिले। पुलिस ने वाहन में सवार आमोद राम (24 वर्ष), मंगरा राम (45 वर्ष) और अल्फोना कुजूर (42 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी गौवंशों के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। पुलिस ने चारों गौवंशों को मुक्त कराकर तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन जब्त कर लिया। तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
दोनों प्रकरणों में आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(क)(घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि ऑपरेशन शंखनाद के तहत गौवंश तस्करी और पशुओं के प्रति क्रूरता के मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस अवैध गतिविधि में शामिल लोगों पर पुलिस की निगरानी है और उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
इस प्रकार जशपुर पुलिस की दो अलग-अलग कार्रवाइयों में 13 गौवंशों को मुक्त कराने के साथ 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब तस्करी के नेटवर्क और गौवंशों को कहां से लाकर कहां ले जाया जा रहा था, इसकी भी जांच कर रही है।




