अमरजीत सिंह बुलन्द टाईम्स न्यूज
कोरिया/बैकुंठपुर – गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, पौष्टिक आहार और सतत निगरानी सुनिश्चित करने के लिए विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने बुधवार को कलेक्टरेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की संयुक्त बैठक में ये निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, बीसी सखी, कृषि सखी और पशु सखी के सहयोग से गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी की जाए। उनके खानपान, स्वास्थ्य जांच और पोषण की स्थिति की जानकारी रखी जाए, ताकि सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ शिशु का जन्म सुनिश्चित करने में मदद मिल सके।
उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के माध्यम से महिलाओं को पौष्टिक भोजन के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कलेक्टर ने मितानिनो की अवधारणा पर चर्चा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य गर्भस्थ शिशु से लेकर बुजुर्गों तक पूरे परिवार की सेहत की देखभाल को विस्तार देना है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच, संस्थागत प्रसव, नवजात की देखभाल, टीकाकरण और कुपोषण की पहचान पर विशेष ध्यान देने को कहा।
इसके साथ ही मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं कैंसर की स्क्रीनिंग, टीबी, कुष्ठ और सिकल सेल की पहचान के लिए घर-घर संपर्क एवं निर्धारित जांच से जोड़ने पर जोर दिया गया। किशोर-किशोरी परामर्श, परिवार नियोजन, एचआईवी/एड्स जागरूकता, नशामुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य सहायता तक लोगों की पहुंच बढ़ाने की बात भी कही गई।
कलेक्टर ने गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल भेजने, उपचार के बाद उनका फॉलोअप करने, नियमित दवा सेवन में सहयोग तथा आभा आईडी और आयुष्मान कार्ड बनवाने में मदद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मितानिनों की भूमिका मां और बच्चे की देखभाल के साथ अब ‘पूरे परिवार की स्वास्थ्य दीदी’ के रूप में व्यापक होगी।
दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे उपचार और सही परामर्श
कलेक्टर यादव ने कहा ‘कुपोषण से लड़ना ही नहीं है, बल्कि जिले से कुपोषण को भगाना है।’ उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लक्ष्य सभी विभागों के समन्वित प्रयास से ही हासिल होगा। दूरस्थ अंचलों में रहने वाले लोगों को समुचित उपचार और सही परामर्श मिले तथा उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया जाए।
कोरिया जिले में गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, पौष्टिक आहार और सतत निगरानी सुनिश्चित करने के लिए विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने बुधवार को कलेक्टरेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की संयुक्त बैठक में ये निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, बीसी सखी, कृषि सखी और पशु सखी के सहयोग से गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी की जाए। उनके खानपान, स्वास्थ्य जांच और पोषण की स्थिति की जानकारी रखी जाए, ताकि सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ शिशु का जन्म सुनिश्चित करने में मदद मिल सके।
उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के माध्यम से महिलाओं को पौष्टिक भोजन के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कलेक्टर ने मितानिनो की अवधारणा पर चर्चा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य गर्भस्थ शिशु से लेकर बुजुर्गों तक पूरे परिवार की सेहत की देखभाल को विस्तार देना है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच, संस्थागत प्रसव, नवजात की देखभाल, टीकाकरण और कुपोषण की पहचान पर विशेष ध्यान देने को कहा।
इसके साथ ही मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं कैंसर की स्क्रीनिंग, टीबी, कुष्ठ और सिकल सेल की पहचान के लिए घर-घर संपर्क एवं निर्धारित जांच से जोड़ने पर जोर दिया गया। किशोर-किशोरी परामर्श, परिवार नियोजन, एचआईवी/एड्स जागरूकता, नशामुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य सहायता तक लोगों की पहुंच बढ़ाने की बात भी कही गई।
कलेक्टर ने गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल भेजने, उपचार के बाद उनका फॉलोअप करने, नियमित दवा सेवन में सहयोग तथा आभा आईडी और आयुष्मान कार्ड बनवाने में मदद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मितानिनों की भूमिका मां और बच्चे की देखभाल के साथ अब ‘पूरे परिवार की स्वास्थ्य दीदी’ के रूप में व्यापक होगी।
दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे उपचार और सही परामर्श
कलेक्टर श्रीमती यादव ने कहा, ‘कुपोषण से लड़ना ही नहीं है, बल्कि जिले से कुपोषण को भगाना है।’ उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लक्ष्य सभी विभागों के समन्वित प्रयास से ही हासिल होगा। दूरस्थ अंचलों में रहने वाले लोगों को समुचित उपचार और सही परामर्श मिले तथा उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया जाए।




