अमरजीत सिंह
बुलन्द टाईम्स न्यूज
कोरिया/बैकुंठपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जारी प्रारूप मतदाता सूची में यदि किसी पूर्व पंजीकृत मतदाता का नाम शामिल नहीं है, तो उसे दोबारा मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए Form-6 भरने में किसी तरह की झिझक नहीं होनी चाहिए। भारत निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि पहले मतदाता सूची में नाम दर्ज रहा हो, तब भी वर्तमान सूची में नाम नहीं होने पर नए सिरे से Form-6 दाखिल किया जा सकता है।
पुराने मतदाताओं के बीच था संशय
दरअसल, SIR प्रक्रिया के दौरान कुछ ऐसे मतदाता सामने आए, जिनका नाम पहले मतदाता सूची में दर्ज था, लेकिन वर्तमान प्रारूप सूची में उनका नाम नहीं दिखाई दे रहा है। ऐसे मतदाताओं के सामने Form-6 को लेकर असमंजस की स्थिति थी।
Form-6 में पहली बार मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने से संबंधित घोषणा करनी होती है। इसी वजह से कुछ पूर्व मतदाताओं को आशंका थी कि पहले से पंजीकृत होने के बावजूद Form-6 भरने पर यह घोषणा गलत मानी जा सकती है और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कार्रवाई हो सकती है।
आयोग ने दूर किया भ्रम
भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी नागरिक का नाम वर्तमान प्रारूप मतदाता सूची में नहीं है, तो अंतिम मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए उसे Form-6 के जरिए आवेदन करना होगा, भले ही वह अतीत में मतदाता सूची में पंजीकृत रहा हो।
आयोग के मुताबिक, केवल इस वजह से Form-6 भरना गलत घोषणा नहीं माना जाएगा कि संबंधित व्यक्ति का नाम पहले किसी मतदाता सूची में दर्ज था।
हाईकोर्ट के फैसले का भी दिया हवाला
आयोग ने अपने स्पष्टीकरण के संदर्भ में दिल्ली हाईकोर्ट के 14 अक्टूबर 2026 के फैसले का भी उल्लेख किया है। याचिका संख्या W.P. (C) No. 14955/2026, निलोत्पल दत्ता व अन्य बनाम भारत निर्वाचन आयोग व अन्य में अदालत ने इस तरह की आशंका को निराधार बताया था।
अदालत के आदेश के मुताबिक, यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम वर्तमान सूची में नहीं है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत Form-6 जमा कर सकता है।
केवल पुराने पंजीकरण के आधार पर नहीं होगी कार्रवाई
भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) को निर्देश दिया है कि सिर्फ इस आधार पर किसी आवेदक के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के तहत कार्रवाई न की जाए कि उसका नाम पहले की मतदाता सूची में दर्ज था।
हालांकि, आवेदन करने वाले नागरिक को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसका नाम किसी अन्य विधानसभा या संसदीय क्षेत्र की वर्तमान मतदाता सूची में पहले से दर्ज न हो और Form-6 में दी गई जानकारी नियमानुसार सही हो।
नाम की जांच करने की अपील
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ ने नागरिकों से अपील की है कि वे SIR के तहत प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम जरूर जांचें। यदि नाम सूची में नहीं है, तो पात्र मतदाता समय रहते Form-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी करें।
इस स्पष्टीकरण से उन पुराने मतदाताओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जो प्रारूप सूची में नाम नहीं होने के कारण दोबारा आवेदन करने को लेकर असमंजस में थे।




