अभिषेक नायक की रिपोर्ट:-
भोपाल | भोपाल मध्यप्रदेश दरअसल मामला कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ हुई घटना का है। घटना से सबक लेते हुए मध्य प्रदेश सरकार अब सख्ती पर उतर आई है। इसके चलते अब शहर के हर अस्पताल को अस्पताल में कार्यरत गार्ड, सफाईकर्मी और कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन कराना होगा।
सीएम के आदेश के बाद पुलिस ने मांगा कर्मचारियों का बायोडाटा
सीएम के आदेश के बाद पुलिस अधीक्षकों को सभी अस्पतालों में नोटिस जारी कर 10 बिंदुओं के आधार पर जानकारी मांगने के आदेश जारी किए गए हैं। अस्पतालों से यह भी जानकारी मांगी गई है कि जिले के अस्पतालों में निकटतम पुलिस स्टेशन के साथ तुरंत संपर्क कर वेरिफिकेशन के लिए व्यवस्था की जाए और उसकी सारी जानकारी भी पुलिस अधीक्षकों को देनी होगी। उन्होंने क्या व्यवस्था अपनाई है।
पुलिस वेरिफिकेशन खोलेगा राज
दरअसल पुलिस वेरिफिकेशन से इस बात का खुलासा हो जाएगा कि अस्पतालों में कार्यरत कोई कर्मचारी आपराधिक प्रवृत्ति का तो नहीं है। इसके अलावा यह भी जानकारी मांगी गई है कि अस्पताल परिसरों में रात में सुरक्षा की क्या व्यवस्था है।
आम जनता और मरीज के रिश्तेदारों के अस्पतालों में प्रवेश के लिए पास की व्यवस्था की गई है या नहीं। जिले के अस्पतालों में यौन उत्पीड़न पर आतंरिक समिति का गठन किया गया है या नहीं।
पुलिस अधीक्षकों से मांगी अस्पतालों में सुरक्षा इंतजामों की जानकारी
सभी अस्पतालों के अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि अस्पताल की सुरक्षा की जानकारी उपलब्ध करवाएं। इससे अस्पताल में सुरक्षा-व्यवस्था पुख्ता हो सकेगी।
एमपी के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर रिपोर्ट मांगी है। कल 28 अगस्त को केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव के साथ होने वाली बैठक में यह रिपोर्ट पेश की जाएगी।



