अभिषेक नायक की रिपोर्ट:-
गुना मध्यप्रदेश : एक बच्ची के दूसरे पैर में प्लास्टर चढ़ाने का विरोध करने पर एक व्यक्ति के साथ अस्पताल प्रबंधन द्वारा विवाद करने का मामला सामने आया है। मामला दलवी कॉलोनी स्थित मीनाक्षी हॉस्पिटल का है। जहां कुसमौदा निवासी सोनू अहिरवार अपनी बच्ची के पैर में चोट लगने के बाद वहां इलाज कराने पहुंचा था। युवक ने इस मामले की शिकायत सिटी कोतवाली में की है।
गुना जिले के कुसमौदा निवासी सोनू अहिरवार ने सिटी कोतवाली में दिए आवेदन में बताया कि वह अपनी बेटी धानी का उपचार कराने मीनाक्षी हॉस्पिटल गया था, जहां उस बच्ची के इलाज के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने एक्सरे कराया, बच्ची के सीधे पैर में फ्रेक्चर होना वहां के डॉक्टर बीएस कुशवाह द्वारा बताया गया, इसके बाद उसकी पुत्री के दाएं पैर की जगह बाएं पैर पर प्लास्टर चढ़ा दिया। बच्ची के बताने के बाद हमने डॉ. कुशवाह से कहा कि आपने गलत प्लास्टर चढ़ा दिया।
डा. कुशवाह का कहना था कि हमने बच्ची से पूछने के बाद प्लास्टर चढ़ाया था। जबकि एक्सरे के आधार पर प्लास्टर चढ़ाया जाना था। सोनू ने अपने आवेदन में कहा कि मैंने जब गलत प्लास्टर चढ़ाने को लेकर डॉक्टर कुशवाह से बातचीत की तो डॉक्टर व उनके साथ मौजूद स्टाफ ने अभद्रता की और मारपीट करके झूठे पुलिस केस में फंसाने की धमकी दी। इसके साथ ही स्टाफ ने धमकी दी कि हमारा कुछ नहीं हो सकता, हमारी पहुंच ऊपर तक है।
प्लास्टर गलत चढ़ाने की शिकायत आई थी, नहीं की अभद्रता
बच्ची ने बायां पैर में फ्रेक्चर होना बताया था, हमारे स्टाफ ने प्लास्टर चढ़ा दिया। गलत होना बताया तो हमने उसके सही पैर में पट्टा चढ़ा दिया, इसका पैसा भी नहीं लिया, वो हमको ब्लैकमेल कर पैसा मांग रहा था, हमने मना कर दिया। किसी भी तरह की उसके साथ अभद्रता नहीं की।
– डॉ. बीएस कुशवाह, संचालक मीनाक्षी हॉस्पिटल, गुना



