तेन सिंह ठाकुर की रिपोर्ट :-
नगर पंचायत बारसूर के बुढ़ा सागर में बाहर से आए सैलानी और स्थानीय लोग इन दिनों मोटर वोट का मज़ा ले रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से स्थानीय जय माँ दुर्गा स्व सहायता समूह को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। बारसूर के बुढ़ा सागर में नौकायन की सुविधा शुरू होने से पर्यटक और नगरवासी खुश है।
खासकर बच्चे मोटर वोट की सवारी करने काफी उत्सुक नजर आ रहे हैं। सात सीटर मोटर वोट में सागर का एक चक्कर लगाने के लिए 50 रूपये प्रति व्यक्ति किराया निर्धारित किया गया है। वहीं पैडल वोट और क्याक वोट का आनंद लेने के लिए प्रति व्यक्ति 30 रूपये चुकाने होंगे।
प्रतिदिन स्व सहायता समुह की ओर से दो पाली सुबह 8 से 11 बजे तक और दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक आमजन को मोटर वोट से सागर में नौकायन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। आज रविवार छुट्टी का दिन होने के बावजूद मोटर वोट पार्किंग स्थल पर लोगों की भीड़ शाम 4 बजे के आसपास नहीं के बराबर रही। केवल दो- चार बच्चे ही कौतुहलवश निहारते हुए नजर आए।
स्थानीय लोगों से जब इस बारे में बातचीत की गई तो नगरवासियों ने कहा कि मोटर वोट का किराया 50 रूपये प्रति व्यक्ति तय किया गया है। एक साधारण परिवार का व्यक्ति जिसकी दिहाड़ी मजदूरी 300 रूपये है, उसके लिए 50 रूपये प्रति व्यक्ति किराया चुकाना मुश्किल है। इधर समुह के सदस्यों का कहना है कि 50 रुपये का किराया वाजिब है।
इसी रकम से मोटर चलित नौका के लिए पेट्रोल और मेंटेनेंस का खर्चा वहन करने के अलावा समुह के सदस्यों की रोजी रोटी का भी इंतजाम करना है। नगर के लोगों का कहना है कि मोटर वोट की सुविधा जिला प्रशासन ने शुरू कर दी, यह अच्छी बात है लेकिन सजावटी पर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है।
विभिन्न तरह के फूल और सजावटी पौधे लगा कर सागर के किनारे उद्यान बनाने की जरूरत है। ताकि वातावरण शुद्ध रहने के साथ ही बुढ़ा सागर को आकर्षक लुक मिले। हाल- फिलहाल सागर के किनारे मिट्टी डाल समतल किया गया है और किनारे लोहे की रेलिंग लगी है।
जबकि उद्यान विकसित कर बच्चों के लिए झूला व बैठक आदि की सुविधा पर कोई ध्यान नही दिया जा रहा। सौन्दर्यीकरण पर लाखों रुपए खर्च करने का सामने सार्थक परिणाम ही नजर नहीं आ रहा। बारसूर निवासी थलेश ठाकुर ने बताया कि मोटर वोट की जिम्मेदारी महिला सदस्यों के कंधे पर है।
प्रतिकूल परिस्थिति से निपटने का इनके पास अनुभव है कि नहीं? यह भी एक बहुत बड़ा सवाल है। अच्छा होता कम से कम दो पुरुष सदस्य जो तैराकी जानते हैं, उन्हें भी समुह के साथ काम की जिम्मेदारी दी जाती। हांलाकि जिला प्रशासन की ओर से नौकायन करने वाले के लिए लाईफ जैकेट का इंतजाम किया गया है।
सागर के किनारे जब तक रंग – बिरंगे फूल लगा सजावट नहीं किया जाता सौन्दर्यीकरण का कोई औचित्य नहीं है। सौन्दर्यीकरण में कई महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधाएं मसलन पार्क, झूला, बैठक आदि का अभाव है। प्रशासन तत्काल इन सुविधाओं पर ध्यान दें।



