सुरेश सोनी की रिपोर्ट ;-
नारायणपुर | आजादी के 78 वर्ष बाद जिले के जनपद पंचायत ओरछा अंतर्गत ग्राम पंचायत पदमकोट के घोटूल में पहली बार एक विशेष ग्रामसभा का आयोजन किया गया। इस ग्रामसभा में ग्रामीणों ने विभिन्न आवश्यकताओं के लिए प्रस्ताव पेश किए, जिनमें स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, सौर ऊर्जा संचालित पंप, बोर खनन, शासकीय आवास, पंचायत भवन, उचित मूल्य की दुकान, उप स्वास्थ्य केंद्र, विद्युत व्यवस्था, और मनरेगा से भूमि मरम्मत कार्य शामिल हैं। 18 हितग्राहियों ने इन प्रस्तावों के लिए स्वेच्छा से आवेदन किया।
ग्रामसभा में ग्रामीणों ने लोकतंत्र के प्रति अपने विश्वास को व्यक्त करते हुए शासन के साथ मिलकर विकास की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। ग्राम सभा में सक्रिय भागीदारी करते हुए, ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को साझा किया और ग्रामसभा की शक्तियों का उपयोग करते हुए विभिन्न आवश्यकताओं को प्रस्तावित किया।
इसके अलावा, शासन की महत्वकांक्षी योजना “नियद नेल्लानार” के प्रभावी लागू होने के बाद कई कैंपों का आयोजन किया गया है। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकांक्षा शिक्षा खलखो द्वारा ग्रामीणों के बीच प्रशासन की छवि सुधारने के लिए सघन निरीक्षण किया गया। इस योजना के तहत मावा मोटर का परिचालन शुरू किया गया, जिससे दूरदराज क्षेत्रों में यातायात की सुविधा मिली और ग्रामसभा में अधिक ग्रामीणों को उपस्थित होने का अवसर प्राप्त हुआ।
दूसरी ओर, अबुझमाड़ क्षेत्र में जनसमस्या निवारण शिविरों का लगातार आयोजन किया जा रहा है, जिसमें जाति, निवास प्रमाण पत्र और अन्य योजनाओं से संबंधित ग्रामीणों को लाभ मिल रहा है। मोबाईल नेटवर्क की सुविधाओं के संबंध में भी चर्चा की गई, और जहां टॉवर नहीं है, वहां शीघ्र ही टॉवर स्थापित करने का आश्वासन दिया गया।
नियद नेल्लानार योजना के तहत हुए इन प्रयासों से ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है और वे अब बिना किसी भय के अपने व्यवसायों को चला रहे हैं। जिला प्रशासन के इस प्रयास से ग्रामों में विकास की गति तेज हुई है और ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है।



