अमित दुबे की रिपोर्ट
रतनपुर | तालाबों की नगरी कहे जाने वाले शहर रतनपुर में मछली चोरी का सनसनीखेज खेल अब खुलकर सामने आ गया है। हाईकोर्ट द्वारा 66 तालाबों का ठेका रद्द किए जाने के बाद चोरी का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
ताजा खुलासा दुलहरी तालाब से आया, जहां एक स्थानीय पत्रकार ने चौंकाने वाला दावा किया है कि नगरपालिका कर्मचारियों और पार्षदों ने मछली चोरों को पकड़ने के बाद “सेटिंग” करके छोड़ दिया। यह खबर रतनपुर में आग की तरह फैल गई है, और स्थानीय लोग प्रशासन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
पत्रकार का खुलासा: सेटिंग का गंदा खेल
स्थानीय पत्रकार की रिपोर्ट ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। पत्रकार ने दुलहरी तालाब में मछली चोरी की घटना को उजागर करते हुए दावा किया कि नगरपालिका के कर्मचारियों और कुछ पार्षदों ने चोरों को पकड़ने के बाद उनसे “सेटिंग” कर ली और उन्हें बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया। इस खुलासे ने नगरपालिका प्रशासन और स्थानीय नेताओं की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई नई बात नहीं है; मछली चोरी का यह खेल लंबे समय से चल रहा है, और इसमें कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं।
लाखों का नुकसान, जिम्मेदार कौन?
रतनपुर के तालाब न केवल नगरपालिका का राजस्व का स्रोत हैं, बल्कि ये पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। मछली चोरी की इन घटनाओं से न केवल नगरपालिका का आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि तालाबों का पारिस्थितिकी तंत्र भी प्रभावित हो रहा है।



