हेमू साय की रिपोर्ट:-
प्रार्थी रिटायर्ड उप प्रबंधक स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के आनंदराव देशमुख ने वर्ष 2015 में एचडीएफसी लाइफ का बीमा पॉलिसी करवाया था जो कि 01 प्रिमियम का भुगतान के पश्चात आर्थिक स्थिति ठीक नही होने से प्रिमियम को भुगतान नही कर पा रहा था जो कि अक्टूबर माह 2023 में प्रार्थी को लगातार अनजान नम्बरों से फोन आया कि मैं आईआरडीआर के अधिकारी हूँ कहकर बताया गया कि आपका बंद हुआ बीमा पॉलिसी की मेच्योरिटी का आपको पूरा पैसा मिलेगा |
यदि आप इस पॉलिसी को रिन्यु नही कराते है तो यह पॉलिसी बंद हो जायेगा कहकर बताया गया इस पर प्रार्थी के द्वारा वर्ष 2023 से लगातार फोन के द्वारा बताये गये अलग-अलग खातों में कुल 2090028 (बीस लाख नब्बे हजार अठाईस रुपये) दिया गया प्रार्थी को फ्रॉड होने की आशंका होने पर थाना कोतवाली में प्रार्थी के द्वारा लिखित शिकायत दर्ज करने पर थाना कोतवाली में अपराध दर्ज किया गया।
अपराध कायमी पश्चात् मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग के निर्देशन एवं नगर पुलिस अधीक्षक के आकाश श्रीमाल व उप०पुलिस अधीक्षक सायबर सेल गितिका साहू के नेत्तृव में मामले की तकनिकी जांच एवं विवेचना आरंभ कि गई विवेचना के दौरान विभिन्न बैंको से जानकारी लिया गया |
विवेचना के दौरान अरोपियों के द्वारा सेक्टर 62,63,66 से लगातार प्रार्थी को कॉल किया जा रहा था। तकनिकी जाँच के दौरान कुछ आरोपियों को चिन्हीत किया गया तथा तत्काल पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा एक विशेष टीम गठित कर निरी० विकेश तिवारी एवं उप० निरी अमित सिदार के नेत्तृव में दिल्ली नोएडा, उ०प्र० रवाना किया गया।
टीम द्वारा नोएडा में लगातार 03 दिनों तक बैंक कर्मी एवं किरायेदार बनकर रेकी करते हुए एक होटल के पास घेराबंदी कर 1) लवकुश पिता यतेन्द्र सैनी निवासी प्रतापगढ़ नोएडा उ.प्र 2) राहुल कुमार पिता राम दुलारे यादव निवासी लालगंज, नोएडा उ.प्र को पकड़ा गया, इनके पास से फर्जी सिम एवं फर्जी मोबाईल एटीएम कार्ड, हिसाब किताब के रजि० एवं 10 हजार लोगो के इन्श्योरेंश के डॉटा जप्त किया गया तथा इनसे पूछताछ कर साथी महिला की जानकारी प्राप्त हुई है जिसकी संलिप्तता के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के संबंध में नोटिस जारी किया गया है।
आरोपियों से पूछताछ एवं तकनिकी जांच में देश के अन्य राज्य गुजरात, महाराष्ट्र, म०प्र, हरियाणा के लोगो से लगातार सम्र्पक होना पाया गया जिनसे सम्र्पक कर ठगी होने की जानकारी प्राप्त की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा हैं।
उक्त कार्यवाही में निम्न अधि. / कर्म. का विशेष योगदान रहाः-
निरी० भोलाराम राजपूत, निरी० विकेश तिवारी, निरी० गौरव तिवारी, उप निरी० अमित सिदार, प्र०आर० 523 विनोद चांदले, प्र0आर 994 लोमेश दिवान, प्र०आर० 1038 मौसम गुप्ता, आर० क० 1010 धर्मेन्द ठाकुर, आर० क0 485 मुकन्द भंडारी, आर0 415 गौतम सिन्हा, आर० क० ०२० कष्णा सावड़े, म०आर० 707 राधिका नेताम,



