अमित दुबे की रिपोर्ट:-
रतनपुर, बिलासपुर। रतनपुर नगर का ऐतिहासिक शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, जिसकी स्थापना वर्ष 1960 में हुई थी, आज जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। भवन की दीवारें दरक चुकी हैं, छत से प्लास्टर झड़ रहा है और कई कमरों की छतें गिरने की कगार पर हैं। स्कूल भवन की खस्ताहाल स्थिति को देखते हुए कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
विद्यालय में पढ़ने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक डर के साए में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। बारिश के मौसम में भवन की स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, जिससे छात्रों की जान को गंभीर खतरा बना रहता है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों (शिवमोहन बघेल) और पालकों ने कई बार स्कूल की मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि कई बार उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई है, लेकिन फाइलें सिर्फ कागज़ों में ही घूम रही हैं।
स्थानीय निवासी और पूर्व छात्र शिव मोहन बघेल ( इंजी )इसे क्षेत्र की धरोहर मानते हैं और प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि जल्द से जल्द भवन की मरम्मत या नया भवन निर्माण कराया जाए, ताकि शिक्षा का यह केंद्र सुरक्षित रूप से संचालित हो सके।



