अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर (छत्तीसगढ़)। रतनपुर थाना में तैनात पुलिसकर्मी आज भी खपरे वाले जर्जर और टूटे-फूटे मकान में रहने को मजबूर हैं। सुरक्षा और सेवा के लिए 24 घंटे तत्पर रहने वाले ये जवान खुद असुरक्षित हालात में जीवन बिता रहे हैं। थाना परिसर में मौजूद स्टाफ क्वार्टर पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिनकी छतें टपकती हैं और दीवारें कभी भी गिर सकती हैं।
थाना स्टाफ का कहना है कि बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। खपरैल मकान में रहना किसी खतरे से कम नहीं है। बिजली, पानी और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। कई वर्षों से इस समस्या को लेकर मांग उठाई जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।
पुलिसकर्मियों ने शासन और जिला प्रशासन से मांग की है कि रतनपुर थाना परिसर में तत्काल प्रभाव से एक पूर्ण रूप से विकसित स्टाफ रूम और क्वार्टर का निर्माण कराया जाए, ताकि पुलिस बल को बेहतर सुविधा और सुरक्षित आवास मिल सके।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए जल्द कार्यवाही की अपेक्षा जताई है।



