सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर | नारायणपुर जैसे दुर्गम और आदिवासी बहुल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की सीमाएं किसी से छुपी नहीं हैं। ऐसी ही एक चुनौतीपूर्ण स्थिति सामने आई जब एक महिला मरीज गंभीर स्वास्थ्य स्थिति में जिला अस्पताल नारायणपुर लाई गई।
महिला को गंभीर एनीमिया (Hb मात्र 5.2), उच्च रक्तचाप, अनियंत्रित मधुमेह और एक्यूट किडनी इंजरी जैसी कई जटिल समस्याएं थीं। डॉक्टरों ने तत्काल तीन यूनिट रक्त चढ़ाने की जरूरत बताई, परंतु दुर्लभ रक्त समूह के कारण परिवार और परिजन पूरी तरह से असहाय हो गए।
ऐसे कठिन समय में इंसानियत की एक मिसाल पेश की इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के 41वीं बटालियन के जवान CT GD बलजीत सिंह ने। जैसे ही असहाय परिजन आईटीबीपी कैम्प में मदद के लिए पहुंचे तब बलजीत सिंह ने बिना किसी हिचकिचाहट के आगे आकर रक्तदान किया।
उनकी इस नि:स्वार्थ सेवा और मानवता की भावना ने न केवल एक जीवन बचाया, बल्कि यह भी साबित किया कि वर्दी में नायक सिर्फ सीमा पर ही नहीं, समाज के हर कोने में मौजूद हैं।
मरीज के परिजनों ने CT GD बलजीत सिंह का आभार प्रकट करते हुए कहा कि –
“इस कठिन समय में जब हर कोई असहाय था, एक सैनिक ही आगे आया और जीवनदान दिया। यह सिर्फ एक रक्तदान नहीं, बल्कि आदिवासी अंचल की एक उम्मीद का प्रतीक है।”



