सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर| विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आज पोदला उरस्कना कार्यक्रम के तहत एसटीएफ हब, शांति नगर, नारायणपुर में भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर “एक पेड़ शहीदों के नाम” अभियान के तहत सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने शहीदों की स्मृति में पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधि, प्रशासन, पुलिस विभाग और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
इस अवसर पर जिले के कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें बृजमोहन देवांगन (वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता, नारायणपुर), पंकज जैन (अध्यक्ष, व्यापारी संघ), सुनील कथोरिया (सचिव, व्यापारी संघ), मती प्रतिष्ठा ममगई (भा.प्र.से), कलेक्टर नारायणपुर, रॉबिनसन गुरिया (भा.पु.से), पुलिस अधीक्षक नारायणपुर, संदीप पटेल (भा.पु.से), सेनानी, 16वीं बटालियन (छ.स.ब.), शशिकानंद (भा.व.से), डीएफओ, नारायणपुर ,मती आकांक्षा खलखो (भा.प्र.से), मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत नारायणपुर, संजय कुमार कमांडेंट, 53वीं वाहिनी आईटीबीपी, अनिल चौधरी, उप कमान अधिकारी , प्रकाश झा, द्वितीय कमान अधिकारी, 45वीं वाहिनी आईटीबीपी, अक्षय साबद्रा (भा.पु.से), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, संजय महादेवा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक , लोकेश बंसल, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी, नारायणपुर ,उप पुलिस अधीक्षक अरविंद किशोर खलखो , अविनाश कंवर , आशिष नेताम, रक्षित निरीक्षक सोनू वर्मा , मोहसिन खान उपस्थित रहे तथा
कार्यक्रम में शहीद परिवार की गरिमामयी उपस्थिति ने इस अवसर को और भी भावुक बना दिया। शहीद दानसाय सोरी की पत्नी मती जुगाय बाई सोरी को सभी गणमान्यजनों द्वारा सम्मानित किया गया और उनके बलिदान को नमन किया गया।
विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर यह कार्यक्रम आदिवासी समाज की प्रकृति-प्रेमी परंपरा और पर्यावरण के प्रति गहरे जुड़ाव का प्रतीक बना। उपस्थित सभी अतिथियों ने पौधारोपण करते हुए संकल्प लिया कि हर पौधे की देखभाल ऐसे करेंगे जैसे अपने परिवार के सदस्य की।
पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुरिया ने कहा —
“विश्व आदिवासी दिवस पर यह वृक्षारोपण हमें हमारी जड़ों और प्रकृति से जुड़े रहने का संदेश देता है, और शहीदों के नाम पर लगाए गए पौधे उनकी अमर स्मृति को सजीव रखते हैं।”
कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगई ने कहा —
“आदिवासी संस्कृति में प्रकृति पूजनीय है, और आज हम सभी ने उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शहीदों के सम्मान में हरियाली का यह संकल्प लिया है।”
“एक पेड़ शहीदों के नाम” पहल ने न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि शहीदों के प्रति समाज की कृतज्ञता को भी मजबूत किया।



