सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर | आज अनिश्चितकालीन हड़ताल के 15वें दिन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) संघ के संविदा कर्मचारियों द्वारा शहर के मुख्य चौराहों से भव्य रैली के रूप में संविदा प्रथा की शव यात्रा निकाली गई। शव यात्रा में भारी संख्या में संविदा कर्मचारी शामिल हुए और जगह-जगह पर शवयात्रा का जनसमूह ने समर्थन किया।
भारी बारिश के बावजूद भी सभी NHM कर्मचारी पूरे जोश और उत्साह के साथ रैली में डटे रहे। बारिश में भी कर्मचारियों का उत्साह देखते ही बनता था, जिसने आंदोलन को और भी सशक्त और जीवंत बना दिया।
शव यात्रा के उपरांत संविदा कर्मचारियों ने मृत्युभोज का आयोजन किया तथा प्रतीकात्मक रूप से मुंडन संस्कार भी किया गया। इस अनोखे और सशक्त विरोध प्रदर्शन के माध्यम से कर्मचारियों ने सरकार को यह संदेश दिया कि अब संविदा प्रथा पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और इसे किसी भी रूप में पुनर्जीवित नहीं होने दिया जाएगा।
NHM संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेशभर में हजारों कर्मचारी अपने अधिकारों एवं नियमितीकरण की मांग को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं, लेकिन सरकार द्वारा अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। संविदा कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और भी उग्र रूप दिया जाएगा।
कर्मचारियों ने यह भी कहा कि झारखंड, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और ओडिशा सहित कई राज्यों में संविदा भर्ती पर रोक लगाई जा चुकी है तथा विभिन्न विभागों के संविदा कर्मचारियों को नियमित किया गया है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में संविदा व्यवस्था का जारी रहना कर्मचारियों के साथ भेदभाव है।
कर्मचारियों ने सवाल उठाया –
“जब पड़ोसी राज्यों में संविदा प्रथा समाप्त हो चुकी है, तो आखिर छत्तीसगढ़ सरकार इसे क्यों जारी रखे हुए है?”




