सुरेश सोनी की रिपोर्ट:-
नारायणपुर|राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) अंतर्गत कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज 22वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने अपनी लंबे समय से लंबित नियमितिकरण की मांग को लेकर जिला मुख्यालय नारायणपुर के बखरुपारा तिराहे पर एक विशाल “सम्मान”, “न्याय” , “गारंटी” रैली निकाली।
इस रैली में बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मचारी, महिला कार्यकर्ता तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। रैली के दौरान कर्मचारियों ने नारे लगाकर शासन–प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया।
स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है कि विगत कई वर्षों से वे ग्रामीण अंचलों में सीमित संसाधनों के बावजूद दिन-रात जनसेवा कर रहे हैं। कोविड-19 जैसी महामारी से लेकर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं तक, उन्होंने हर परिस्थिति में अपनी जिम्मेदारी निभाई है। इसके बावजूद सरकार उनकी नियमितिकरण एवं सेवा शर्तों के सुधार जैसी बुनियादी मांगों की अनदेखी कर रही है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश NHM कर्मचारी संघ के महिला विंग की।प्रदेश अध्यक्ष संगीता बम्हनोटिया ने बताया कि अब यह आंदोलन सिर्फ “नौकरी” का नहीं बल्कि “रोटी और सम्मान” का संघर्ष बन चुका है। अगर शासन ने शीघ्र ही ठोस निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
रैली के अंत में कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने शासन से शीघ्र वार्ता कर सकारात्मक समाधान निकालने की अपील की|



