सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर | 15 सितंबर को नारायणपुर में एक अदभुत आध्यात्मिक क्रांति का सूत्रपात हुआ, जिसमें विहंगम योग संस्थान के सुपूज्य संत प्रवर विज्ञान देव महाराज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय केदार कश्यप (वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन मंत्री छत्तीसगढ़ शासन) का पावन पदार्पण पुलिस परेड ग्राउंड नारायणपुर में हेलीकॉप्टर से हुआ। तत्पश्चाप संत प्रवर के स्वागत में एक भव्य बाइक रैली शहर में निकाली गई। पूरा शहर “अ” अंकित श्वेतध्वजा एवं सदगुरुदेव के जयकारा से गूंज उठा। दिव्य वाणी का कार्यक्रम आहूजा पैलेस में आयोजित किया गया
अपने दिव्य वाणी में सुपूज्य संत प्रवर विज्ञान देव महाराज ने कहा कि:–
आध्यात्मिक वन हीं श्रेष्ठ वन है। विहंगम योग विशुद्ध आध्यात्मिक मार्ग है। विहंगम योग से हम संसार के समस्त कर्तव्यों का पालन करते हुए सांसारिक कष्टों से ऊपर उठ जाते हैं। वन में स्वास्थ्य, सुख और शान्ति की त्रिवेणी को प्राप्त कर लेते हैं। वन का सर्वागींण विकास अध्यात्म से हीं सम्भव है।
जब मन शांत हो जाता है, तब आत्मा का वास्तविक प्रकाश प्रकट होता है।
मन पर नियंत्रण किए बिना अध्यात्म में पूर्णता प्राप्त नहीं की जा सकती। स्वर्वेद की वाणी मन के अंधकार को मिटाती है।
संत प्रवर विज्ञान देव महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को विहंगम योग के क्रियात्मक योग साधना को सिखाया। कहा कि विहंगम योग की साधना खुद से खुद की दूरी मिटाने के लिए है। विहंगम योग का ध्यान आंतरिक शांति का मार्ग प्रशस्त करता है।
संत प्रवर विज्ञानदेव महाराज की दिव्यवाणी जय स्वर्वेद कथा के रूप में लगभग 2 घंटे तक प्रवाहित हुई । स्वर्वेद के दोहों की संगीतमय प्रस्तुति से सभी श्रोता मंत्रमुग्ध हो उठे।
शोभायात्रा की दिव्यता और मंगल स्वागत के बीच संत प्रवर विज्ञान देव महाराज जब भक्तों के संग पदयात्रा करते आगे बढ़े, तो पूरा वातावरण श्रद्धा, आनंद और समरसता की आभा से अलौकिक बन उठा।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि केदार कश्यप ने कहा यह समर्पण दीप महोत्सव राष्ट्र जागरण का एक सशक्त माध्यम है। एक आध्यात्मिक क्रांति का उद्भव हो रहा है। संपूर्ण भारतवर्ष की यह यात्रा साधकों के लिए कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है। इससे पूरे प्रदेश में ही नहीं अपितु देश में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है।
आयोजकों ने बताया कि “समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव” विहंगम योग संत समाज के 102वें वार्षिकोत्सव एवं 25,000 कुण्डीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ के निमित्त संत प्रवर विज्ञान देव महाराज द्वारा 29 जून को संकल्प यात्रा का शुभारंभ कश्मीर की धरती से हो चुका है।
यह संकल्प यात्रा जम्मू – कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, राजस्थान,हरियाणा, चंडीगढ़,उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, उड़ीसा के बाद अब छत्तीसगढ़ मे गतिमान है. इसी क्रम में नारायणपुर में राष्ट्रव्यापी स्वर्वेद सन्देश यात्रा के रूप में पहुँच चुकी है।
25 एवं 26 नवम्बर 2025 को विशालतम ध्यान-साधना केंद्र (मेडिटेशन सेंटर) स्वर्वेद महामंदिर, वाराणसी के पावन परिसर में 25,000 कुण्डीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ होना है।
उसी क्रम में यह स्वर्वेद सन्देश यात्रा हो रही है, जिससे अधिक से अधिक लोगों को पूरे भारतवर्ष में लाभ मिल सके।
इस अवसर पर आयोजन के विशेष सहयोगी कमलत आहुजा, नारायण मरकाम जिला पंचायत अध्यक्ष नारायणपुर, इन्द्रप्रसाद बघेल अध्यक्ष नगर पालिका परिषद नारायणपुर, जयप्रकाश शर्मा उपाध्यक्ष नगर पालिका परिषद, रुपसाय सलाम, ब्रिजमोहन देवांगन पिंकी उसेंडी अध्यक्ष जनपद पंचायत नारायणपुर, नारायण साहू ,संदीप झा, संजय नंदी, गुलाब बघेल, विभिन्न समाजों के प्रमुख, बबन सिंह, सु श्याम कुमारी उसेंडी, कोटेश्वर राव चापड़ी, वीरेंद्र निषाद ओमकार कौशिक, घनश्याम देवांगन, युधिष्ठिर देवांगन, किसले देवांगन, बब्बन यादव तथा भारी संख्या में अध्यात्म प्रेमी, साधक उपस्थित रहे।



