
अमित दुबे की रिपोर्ट ;-
रतनपुर। माँ महामाया की पावन नगरी रतनपुर इन दिनों शारदीय नवरात्र की भक्ति रसधारा में डूबी हुई है। नवरात्र पर्व पर जहाँ श्रद्धालु माँ महामाया के दरबार में अपनी श्रद्धा अर्पित कर रहे हैं, वहीं मंदिर प्रांगण में चल रहे श्रीमद् देवी भागवत कथा महोत्सव में श्रद्धालु दिव्य आध्यात्मिक आनंद का रसपान कर रहे हैं।
महामाया मंदिर के भव्य भागवत मंच पर छत्तीसगढ़ गौरव, ख्याति प्राप्त, कथा वाचक पंडित झाम्मन शास्त्री जी अपने श्रीमुख से देवी भागवत कथा का अमृत वर्षा कर रहे हैं। उनके प्रवचनों की मधुर वाणी और गहन आध्यात्मिक संदेश सुनकर भक्तगण भावविभोर हो उठे।
कथा के दौरान पं. शास्त्री जी ने माँ शक्ति की महिमा, देवी भागवत के अद्भुत प्रसंगों और धर्म, नीति, कर्म तथा भक्ति के गूढ़ रहस्यों को सरल और सहज भाषा में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि नवरात्र सिर्फ पूजा-अर्चना का पर्व नहीं है बल्कि यह आत्मशुद्धि, साधना और सकारात्मकता का संदेश देता है। देवी माँ की उपासना से मानव जीवन में साहस, शक्ति और सद्बुद्धि का संचार होता है।

मंदिर प्रांगण में आयोजित कथा में रोज़ाना हज़ारों श्रद्धालु उपस्थित होकर दिव्य कथा का आनंद ले रहे हैं। पं. शास्त्री जी के प्रवचनों के दौरान श्रोताओं की भीड़ मंत्रमुग्ध होकर कथा श्रवण करती है और वातावरण जयकारों, भजनों और देवी स्तुति से गूंज उठता है।
श्रीमद् देवी भागवत कथा महोत्सव का आयोजन नवरात्र पर्व के अवसर पर किया गया है, जो पूरे नौ दिनों तक चलेगा। कथा श्रवण के पश्चात भक्तगण माँ महामाया के दरबार में विशेष आरती, दर्शन और प्रसाद का लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं।
भक्ति और श्रद्धा से परिपूर्ण इस आयोजन ने रतनपुर को एक बार फिर धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल से आलोकित कर दिया है। माँ महामाया की नगरी में पं. झाम्मन शास्त्री के दिव्य प्रवचन नवरात्र पर्व को और भी भव्य एवं अविस्मरणीय बना रहे हैं।



