अमित दुबे की रिपोर्ट :-
- रतनपुर और बिलासपुर से श्रद्धालुओं ने दी सूर्य देव को अर्घ्य
रतनपुर। धार्मिक नगरी रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर कुंड में लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा बड़े ही श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। रतनपुर और आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ बिलासपुर से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार इस महापर्व में शामिल हुए।

रतनपुर से श्रीवास्तव परिवार, वर्मा परिवार, गुप्ता परिवार,निरजन सिंह ठाकुर नीतू सिंह, प्रदीप गुप्ता, परिवार सहित अनेक श्रद्धालु महिलाओं ने मां महामाया कुंड के तट पर पहुंचकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया। वहीं बिलासपुर से मौसमी राय, डॉक्टर सुमन सिंह, सुजाता राय, जूली सिंह, सुदेश राय, अरविंद राय, अंजनी सिंह, पुष्पेंद्र दुबे, प्रफुल्ल पटेल एवं समस्त परिवार-मित्रगणों ने परिवार सहित छठ महापर्व में भाग लेकर सूर्य उपासना की।

धनतेरस और दीपावली के बाद मनाया जाने वाला छठ पर्व लोक आस्था और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। यह पर्व चार दिनों तक मनाया जाता है। इसकी शुरुआत नहाय-खाय से होती है, जिसमें भक्तजन पवित्र स्नान कर शुद्ध आहार ग्रहण करते हैं। दूसरे दिन खरना का विधान होता है। तीसरे दिन अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाता है, जबकि चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा होती है।

सोमवार, 27 अक्टूबर को छठ महापर्व का चौथा दिन रहा, जिसमें श्रद्धालुओं ने मां महामाया मंदिर कुंड में उगते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्यता की कामना की। पूरे परिसर में “छठ मइया” के गीतों और भक्ति संगीत की गूंज रही।
छठ घाटों को आकर्षक रूप से सजाया गया था। सुरक्षा और स्वच्छता की विशेष व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं ने उपवास और कठोर नियमों का पालन करते हुए सूर्य उपासना कर अपने जीवन और परिवार के कल्याण की प्रार्थना की।
यह दृश्य रतनपुर की आस्था, परंपरा और अध्यात्म का अद्भुत संगम बना रहा, जहां आस्था की ज्योति सूर्य की पहली किरण के साथ पूरे वातावरण में आलोकित हो उठी।



