अमित दुबे की रिपोर्ट:-
रतनपुर। धार्मिक नगरी रतनपुर में अक्षय नवमी के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ सरयूपारी ब्राह्मण सभा द्वारा एक भव्य आवला पूजन समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन गिरजाबंद स्थित हनुमान मंदिर परिसर में सम्पन्न हुआ, जहां बड़ी संख्या में समाज के लोग श्रद्धा और उत्साह के साथ शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य पंडित अश्वनी दुबे द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आवला वृक्ष के पूजन से किया गया। इस अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में शोभा दुबे, दीपक दुबे एवं राकेश दुबे सपत्नीक उपस्थित रहे।
पूजन उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया। इसके पश्चात आचार्य पंडित अश्वनी दुबे और महंत तारकेश्वर पुरी जी महाराज सहित दिव्यकांत शर्मा ने उपस्थित जनों को आंवला नवमी की कथा सुनाई और इसके धार्मिक व आध्यात्मिक महत्व को बताया।

आचार्य दुबे ने बताया कि कार्तिक शुक्ल नवमी को अक्षय नवमी कहा जाता है, और इस दिन भगवान विष्णु तथा भगवान शिव दोनों का वास आंवले के वृक्ष में होता है। इस दिन आंवले का पूजन करने से घर में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य का वास होता है।
महंत तारकेश्वर पुरी जी महाराज ने कहा कि –
“दान, व्रत और पूजा के माध्यम से आत्मा का शुद्धिकरण होता है। आंवला पूजन मानव जीवन में शांति, सौभाग्य और दीर्घायु प्रदान करने वाला पर्व है।”
पूजन और कथा के पश्चात महा आरती सम्पन्न की गई, जिसके दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्ति संगीत और जयकारों से गूंज उठा। आरती के बाद महंत तारकेश्वर पुरी जी महाराज के करकमलों से ब्राह्मण सभा, महिला प्रभाग और युवा प्रभाग के पदाधिकारियों का सम्मान किया गया। सम्मान समारोह के दौरान समाज के वरिष्ठ सदस्यों को शाल व श्रीफल भेंटकर अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम के अंत में भोजन प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे —
अध्यक्ष बलराम पांडे, अश्वनी दुबे, राजेंद्र मिश्रा, रविंद्र दुबे, दिनेश पांडे, राजेश शर्मा, ओमप्रकाश दुबे, संतोष शर्मा, राजेंद्र दुबे, शेषदेव मिश्रा, डॉ. सुरेश चंद्र शर्मा, अमित दुबे, सुषमा दुबे, नीलू पांडे, लक्ष्मी पांडे, प्रीति शर्मा, रश्मि शर्मा, अंजली मिश्रा, वंदनी मिश्रा, रानी पांडे, वंदना दुबे, रेनू तिवारी, शांता तिवारी, पूनम जोशी, अर्चना दुबे, रजनी दुबे, रजनी शर्मा, जयंती मिश्रा, सीमा शर्मा, राजेश्वरी दुबे सहित बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के सदस्य उपस्थित रहे।
इसके अलावा बिलासपुर और खारंग क्षेत्र से आए ब्राह्मण सभा के सदस्यगण भी इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए।
पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण भक्ति, सौहार्द और समाजिक एकता के भाव से ओतप्रोत रहा।
जय सियाराम। ॐ नमः शिवाय।



