गणेश भोय ब्यूरो चीफ जशपुर:-
जशपुर: जिले में “ऑपरेशन शंखनाद” का सकारात्मक असर दिखने लगा है। साईंटांगरटोली का कुख्यात गौ-तस्कर अमजद हजाम उर्फ बबलू ने अपराध की दुनिया छोड़ते हुए मुख्यधारा से जुड़ने का फैसला किया और अपना नया व्यवसाय “बबलू शंख ढाबा” शुरू किया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह की प्रेरणा और मार्गदर्शन से बबलू ने समाज में सकारात्मक कदम उठाया। एसएसपी स्वयं उद्घाटन समारोह में शामिल हुए और बबलू के ढाबा से चाय पीकर उसे शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीण, व्यापारी और पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे।
अमजद हजाम के विरुद्ध पूर्व में दर्ज कई गौ-तस्करी मामले थे, और वह पिछले आठ महीनों से पुलिस की निगरानी में फरार चल रहा था। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने उसे अपराध का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की सलाह दी, जिसका प्रभाव बबलू पर पड़ा और उसने स्थायी आजीविका के लिए ढाबा शुरू किया।
उद्घाटन समारोह में एसएसपी ने युवाओं और ग्रामीणों को अपराध से दूर रहने और मुख्यधारा में लौटने की अपील की। जशपुर पुलिस का यह पहल समाज पुनर्वास का उदाहरण बन गया है, जिससे न केवल अपराधियों को सुधारने का अवसर मिलता है, बल्कि पूरे समाज में सकारात्मक परिवर्तन को भी बढ़ावा मिलता है।
अमजद ने कहा, “अब मैं हमेशा के लिए अपराध से दूर रहूंगा और अपने परिवार का पेट ईमानदारी से पालूंगा।” जशपुर पुलिस के इस प्रयास से जिले में सामाजिक सौहार्द और जन-विश्वास मजबूत होने की उम्मीद है।



