अमित दुबे की रिपोर्ट:-
रतनपुर। नगर के लिए यह एक अत्यंत भावुक और प्रेरणादायी क्षण है, जब स्वर्गीय सीताराम चंदेल की पावन स्मृति में उनके परिजनों ने समाज सेवा की एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए दशगात्र स्थल के संपूर्ण जीर्णोद्धार का बीड़ा उठाया है। यह पहल केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि उस सेवा भाव की निरंतरता है, जिसकी शुरुआत स्व. सीताराम चंदेल ने अपने अंतिम समय में नेत्रदान करके की थी। आज उसी सेवा संस्कार को उनके परिजन समाज के नाम समर्पित कर रहे हैं।
सेवा की विरासत को आगे बढ़ा रहा चंदेल परिवार
स्व. सीताराम चंदेल ने जीवन के अंतिम क्षणों में नेत्रदान कर दो जरूरतमंदों की दुनिया रोशन की थी। उनका यह पुण्य कार्य क्षेत्र में आज भी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है। परिजनों का कहना है कि पिता के उसी प्रेरक विचार को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने तय किया कि समाज के लिए कुछ ऐसा किया जाए, जो लंबे समय तक लोगों के काम आए। इसी सोच से दशगात्र स्थल के जीर्णोद्धार का निर्णय लिया गया।
वर्षों से उपेक्षित दशगात्र स्थल को मिल रहा नया स्वरूप
रतनपुर क्षेत्र का दशगात्र स्थल वर्षों से बदहाल स्थिति में था। यहां अंतिम संस्कार और दशगात्र कर्म के दौरान शोकाकुल परिवारों को बैठने, छाया, पानी और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
इन समस्याओं को देखते हुए चंदेल परिवार ने पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेते हुए स्थल के कायाकल्प का कार्य शुरू कराया।
जीर्णोद्धार कार्य में—
- पक्के चबूतरे का निर्माण
- श्रद्धालुओं के बैठने की समुचित व्यवस्था
- छाया के लिए शेड
- स्वच्छ पेयजल की सुविधा
- प्रकाश व्यवस्था
नियमित साफ-सफाई
जैसी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे आगे किसी भी परिवार को अंतिम संस्कार और दशगात्र कर्म के समय असुविधा न हो।
डॉ. विजय चंदेल—इलाज के साथ समाज सेवा की मिसाल
इस पुनीत कार्य की अगुवाई कर रहे हैं रतनपुर के प्रसिद्ध चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. विजय चंदेल। डॉ. चंदेल वर्षों से निःस्वार्थ भाव से मरीजों की सेवा करते आ रहे हैं और उपचार के साथ-साथ समाज के प्रति अपने दायित्वों को भी पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि डॉ. विजय चंदेल सिर्फ डॉक्टर नहीं, बल्कि रतनपुर के लिए एक “मिशाल” बन चुके हैं, जो हर जरूरतमंद के सुख-दुख में खड़े रहते हैं।
नगरवासियों में हर्ष और सम्मान का भाव
दशगात्र स्थल के जीर्णोद्धार की जानकारी मिलते ही नगरवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। वर्षों से जिस स्थल की दुर्दशा को लोग मजबूरी में सहन कर रहे थे, अब वह एक सुव्यवस्थित, साफ-सुथरा और सम्मानजनक स्वरूप लेने जा रहा है।नगर के नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने चंदेल परिवार और विशेष रूप से डॉ. विजय चंदेल के इस अनुकरणीय कार्य के लिए खुले दिल से प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया है।
समाज के लिए प्रेरणा बनेगी यह पहल
यह कार्य केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और जिम्मेदारी की जीवंत मिसाल है। स्व. सीताराम चंदेल की स्मृति में किया जा रहा यह कार्य आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देगा कि व्यक्ति अपने जीवन के बाद भी समाज के लिए प्रेरणा बन सकता है। जनप्रतिनिधि वार्ड वासियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी उक्त निर्माण कार्य में श्रम सहयोग देखा गया
जल्द होगा लोकार्पण
परिजनों के अनुसार जीर्णोद्धार का कार्य अब अपने अंतिम चरण में है और शीघ्र ही दशगात्र स्थल का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा। इस अवसर पर नगर के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।



