अमित दुबे की रिपोर्ट:-
रतनपुर। बिल्हा विकासखंड अंतर्गत ग्राम खैरखुंडी में जल जीवन मिशन योजना के तहत लाखों रुपये की लागत से निर्मित पानी सप्लाई टंकी आज भ्रष्टाचार, तकनीकी लापरवाही और जिम्मेदारों की उदासीनता का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है। निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए यह टंकी एक ओर खतरनाक रूप से झुक गई है, जिससे कभी भी बड़े हादसे की आशंका जताई जा रही है।
सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि जिस दिशा में पानी टंकी झुकी हुई है, उसी दिशा में गांव का प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय स्थित है। यहां प्रतिदिन दर्जनों मासूम बच्चे पढ़ने आते हैं। यदि यह टंकी गिरती है तो एक भयावह दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिसकी जिम्मेदारी तय करना बाद में प्रशासन के लिए भी मुश्किल होगा।

निर्माण में अनियमितता, सुरक्षा मानकों की अनदेखी
ग्रामीणों के अनुसार, पानी टंकी के निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों की खुलेआम अनदेखी की गई। घटिया सामग्री, कमजोर नींव और तकनीकी नियमों की अनदेखी के कारण कुछ ही समय में टंकी झुक गई। यह स्थिति दर्शाती है कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी और जनहितकारी योजना में किस तरह से भ्रष्टाचार ने जड़ें जमा ली हैं।
अधिकारियों की जानकारी के बावजूद चुप्पी
ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या से विभागीय अधिकारी और जिम्मेदार इंजीनियर पूरी तरह अवगत हैं, इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उलटे, ठेकेदार से मिलीभगत कर भुगतान (बिल) निकालने की प्रक्रिया जारी है। जब इस संबंध में जिम्मेदार इंजीनियर से सवाल किया गया तो उनका गैर-जिम्मेदाराना जवाब था—
“पता करवाता हूँ।”
ग्रामीणों का कहना है कि सवाल यह नहीं है कि पता कब चलेगा, बल्कि यह है कि यदि “पता करवाने” तक कोई हादसा हो गया, तो मासूम बच्चों की जान की जिम्मेदारी कौन लेगा?

युवा भाजपा नेता आतिश ठाकुर का तीखा बयान
इस मामले को लेकर युवा भाजपा नेता आतिश ठाकुर ने कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने कहा—
“जल जीवन मिशन जैसी योजना को कुछ ठेकेदार और भ्रष्ट अधिकारी मिलकर बदनाम कर रहे हैं। खैरखुंडी की पानी टंकी किसी भी समय गिर सकती है और उसके नीचे स्कूल है, जहां हमारे बच्चे पढ़ते हैं। यह सीधा-सीधा बच्चों की जान से खिलवाड़ है। यदि समय रहते जांच कर टंकी को सुरक्षित नहीं किया गया, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग, इंजीनियर और ठेकेदार की होगी। दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।”
ग्रामीणों की प्रशासन से कड़ी मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि—
- पानी टंकी की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए
- स्कूल क्षेत्र में आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए
- दोषी ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कर विभागीय कार्रवाई की जाए
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस गंभीर मामले में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह मुद्दा जल्द ही जनआंदोलन का रूप ले सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन बच्चों की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीरता दिखाता है या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा।



