अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर। अंग्रेजी शासनकाल में निर्मित बिलासपुर जिले का सबसे बड़ा और आकर्षक पर्यटन स्थल खूंटाघाट डेम इन दिनों बुनियादी अव्यवस्थाओं के कारण परेशानियों का सामना कर रहा है। पर्यटन विकास और सुरक्षा को लेकर जिला पंचायत सदस्य राम प्रसाद श्रीवास ने कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपते हुए स्ट्रीट लाइट, बिजली पोल और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि डेम के चारों ओर बने मार्गों पर रात होते ही घना अंधेरा छा जाता है। कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें वर्षों से बंद पड़ी हैं, जबकि अनेक हिस्सों में पोल ही नहीं लगाए गए हैं। इस अंधेरे के कारण यहां घूमने आने वाले पर्यटक, स्थानीय नागरिक तथा सुबह-शाम दौड़ लगाने वाले युवक-युवतियां स्वयं को असुरक्षित महसूस करते हैं।

इसके अलावा पर्यटन स्थल के पास नहर किनारे वाहन पार्किंग स्थलों पर कचरा और गंदगी फैली हुई है, जिससे बदबू की समस्या बढ़ गई है। आवेदन में साफ तौर पर कहा गया है कि नियमित सफाई के अभाव में खूंटाघाट जैसे ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर स्थल की छवि धूमिल हो रही है, जिससे पर्यटक निराश होकर लौट रहे हैं।
गौरतलब है कि खूंटाघाट डेम का निर्माण ब्रिटिश हुकूमत के दौरान किया गया था। चारों ओर फैली पर्वतीय श्रृंखलाएं, हरियाली और शांत जलराशि इस स्थान को विशेष बनाती हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी इसकी खूबसूरती पर ग्रहण लगा रही है।
आवेदन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई है कि
बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें तत्काल चालू की जाएं,
जहां पोल नहीं हैं, वहां नए पोल लगाए जाएं,
सफाई व्यवस्था को नियमित और सख्ती से लागू किया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन समस्याओं का समय रहते समाधान कर दिया जाए, तो खूंटाघाट डेम प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस आवेदन पर कितनी शीघ्र कार्रवाई करता है।



