अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर (बिलासपुर)। ग्राम पंचायत बारीडीह ने गांव को नशे की बुराइयों से मुक्त करने की दिशा में एक साहसिक और ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए शराब एवं गांजा सहित सभी प्रकार के नशीले पदार्थों के निर्माण, बिक्री और आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का सर्वसम्मति से फैसला किया है।इस निर्णय के समर्थन में पंचायत की सैकड़ों महिलाएं और पुरुष एकजुट होकर रतनपुर थाना प्रभारी के पास पहुंचे और गांव को औपचारिक रूप से “नशामुक्त क्षेत्र” घोषित करने की मांग करते हुए आवेदन सौंपा।
ग्रामीणों ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि गांव में बीते कुछ समय से अवैध रूप से शराब बनाने, उसकी खरीद-फरोख्त तथा गांजा जैसे नशीले पदार्थों के प्रसार की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। नशे के कारण पारिवारिक विवाद, आर्थिक तंगी, युवाओं में भटकाव और सामाजिक अशांति बढ़ रही थी। इन गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए ग्राम पंचायत द्वारा ग्राम सभा की विशेष बैठक आयोजित की गई।
बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों, महिला समूहों, वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। नशे से समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा के बाद सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि ग्राम पंचायत की सीमा के भीतर न तो शराब बनाई जाएगी, न बेची जाएगी और न ही किसी भी प्रकार का नशीला पदार्थ गांव में प्रवेश करने दिया जाएगा।
अशोक मरकाम:
“नशा समाज को अंदर से खोखला कर देता है। महिलाओं और बच्चों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए यह फैसला जरूरी था। पूरा गांव इस निर्णय के साथ खड़ा है।” ग्रामीणों ने यह भी तय किया कि निर्णय को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए गांव स्तर पर सामाजिक निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। कहीं भी शराब या गांजा बनाने अथवा बेचने की सूचना मिलने पर तुरंत पंचायत और पुलिस प्रशासन को जानकारी दी जाएगी। महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं को नशामुक्ति अभियान में सक्रिय भूमिका सौंपी गई है।
हरिशंकर यादव:
“यह फैसला किसी एक व्यक्ति का नहीं, पूरे गांव की सामूहिक सोच का परिणाम है। हम चाहते हैं कि हमारे युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, रोजगार और संस्कारों की राह पर आगे बढ़ें।”
पंचायत प्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया है कि गांव में शराब या गांजा से जुड़ी किसी भी अवैध गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि प्रतिबंध का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो सके।
ग्रामीणों को विश्वास है कि इस सामूहिक पहल से गांव में सकारात्मक वातावरण बनेगा, युवाओं में जागरूकता बढ़ेगी और ग्राम पंचायत बारशीडीह एक स्वस्थ, सुरक्षित और आदर्श गांव के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगी। यह पहल आसपास के गांवों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत साबित हो सकती है।




