अमित दुबे की रिपोर्ट:-
मातृभूमि की रक्षा करते हुए 9 जनवरी 2001 को जम्मू-कश्मीर की पावन धरती पर अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले रतनपुर वार्ड क्रमांक 6 निवासी अमर शहीद नूतन सोंनी की 25वीं पुण्यतिथि पर पूरा रतनपुर श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता के भाव से सराबोर नजर आया। शहीद आज भले ही हमारे बीच शारीरिक रूप से उपस्थित न हों, लेकिन उनका साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति आज भी जन-जन के हृदय में जीवित है।
इस अवसर पर शहीद की स्मृति में नूतन चौक में एक भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन वार्ड क्रमांक 6 की पार्षद अर्चना संतोष सोंनी द्वारा किया गया, जिसमें नगर के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि शहीद को श्रद्धांजलि केवल पुष्प अर्पित कर ही नहीं, बल्कि सेवा और सम्मान के माध्यम से दी गई। नगर की स्वच्छता दीदियों एवं स्वच्छता भाईयों को समाज के प्रति उनके निःस्वार्थ, निरंतर और समर्पित योगदान के लिए साड़ी एवं टी-शर्ट भेंट कर सम्मानित किया गया। यह संदेश दिया गया कि जिस प्रकार सीमा पर सैनिक देश की रक्षा करते हैं, उसी प्रकार स्वच्छता कर्मी नगर को स्वस्थ और सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।


संतोष सोंनी (बड़े भाई)
“शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि केवल शब्दों से नहीं, बल्कि सेवा और सम्मान से दी जाती है।
सीमाओं पर तैनात सैनिकों की तरह ही नगर को स्वच्छ और स्वस्थ रखने वाले स्वच्छता कर्मी भी समाज के सच्चे सिपाही हैं।”
श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित नागरिकों ने अमर शहीद नूतन सोंनी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और कुछ क्षण का मौन रखकर उनके बलिदान को नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि शहीद नूतन सोंनी का जीवन त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति का जीवंत उदाहरण है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा मिलती रहेगी।
सभा में यह संकल्प भी लिया गया कि शहीद के अधूरे सपनों को साकार करने के लिए समाज और राष्ट्रहित में एकजुट होकर कार्य किया जाएगा। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण देशभक्ति, संवेदना और कृतज्ञता से ओत-प्रोत रहा।
आज नूतन चौक केवल एक चौराहा नहीं, बल्कि अमर शहीद नूतन सोंनी की अमर गाथा, उनके बलिदान और उनके आदर्शों का जीवंत साक्षी बन गया — जहां हर कदम पर राष्ट्रभक्ति की गूंज सुनाई देती रही।



