
महतारी वंदन से आमहतारीत्मनिर्भर बनी प्रमिला चौधरी
नारायणपुर, 17 मार्च 2026// समेकित बाल विकास परियोजना ओरछा अंतर्गत ग्राम डोंगरीपारा की निवासी श्रीमती प्रमिला चौधरी आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं। पति स्वर्गीय बाघिरथी के निधन के बाद उनके सामने तीन बच्चों के पालन-पोषण की बड़ी जिम्मेदारी थी। सीमित संसाधनों के बीच वे एक छोटी मनिहारी दुकान चलाकर परिवार का गुजारा कर रही थीं, जो पूरी तरह साप्ताहिक बाजार पर निर्भर थी।
आर्थिक चुनौतियों के बीच छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना उनके जीवन में नई उम्मीद लेकर आई। योजना के तहत मिलने वाली ₹1000 प्रतिमाह की सहायता राशि का उपयोग उन्होंने अपने छोटे व्यवसाय को बढ़ाने में किया। प्रमिला चौधरी ने अपनी दुकान में नई-नई वस्तुओं को शामिल किया, जिससे ग्राहकों की संख्या बढ़ी और व्यापार में विस्तार हुआ। अब वे केवल ओरछा ही नहीं, बल्कि छोटे डोंगर के बाजार में भी अपनी दुकान लगाकर व्यापार कर रही हैं। इस प्रयास से उनकी आय में दोगुनी वृद्धि हुई है और वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं।
श्रीमती प्रमिला चौधरी इस बदलाव का श्रेय छत्तीसगढ़ शासन और माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को देती हैं। उनका कहना है कि इस योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया और आज वे अपने बच्चों को बेहतर भविष्य देने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रही हैं।



