
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) नारायणपुर द्वारा विशाल जन संगोष्ठी का आयोजन
शताब्दी वर्ष के पांचवें पड़ाव के उपलक्ष्य में समाज के प्रबुद्ध जनों के साथ हुआ संवाद
नारायणपुर | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) जिला इकाई नारायणपुर द्वारा संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित गतिविधियों के पांचवें पड़ाव के रूप में एक भव्य जन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख व्यक्तियों और प्रबुद्ध जनों ने सहभागिता की।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और संघ के विजन पर चर्चा
कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत करते हुए श्री नारायण भईया जी ने संगोष्ठी की प्रस्तावना रखी। उन्होंने संघ के 100 वर्षों की यात्रा और इस विशेष पड़ाव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार संघ निरंतर समाज को एकजुट करने के कार्य में लगा हुआ है।
भारत केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, साक्षात माता है: मुख्य वक्ता
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री चंद्रशेखर वर्मा भईया जी ने अपने उद्बोधन में अत्यंत सरल और प्रभावशाली ढंग से संघ के उद्देश्यों को साझा किया। उन्होंने कहा:
> “भारत हमारे लिए केवल एक भौगोलिक जमीन का टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह हमारी माता है। हिंदू समाज की यह अटूट आस्था ही भारत की रक्षा का मूल आधार है। हमें अपनी गौरवशाली संस्कृति को गहराई से जानना होगा, तभी हम ‘परम वैभवशाली भारत’ की परिकल्पना को साकार कर पाएंगे।”
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उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत का स्वरूप कैसा हो और उसमें प्रत्येक नागरिक की क्या भूमिका हो, इसके लिए संघ के सिद्धांतों को जीवन में उतारना आवश्यक है।
प्रमुख बिंदु:
* यह आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष के पांचवें चरण का हिस्सा है।
* समाज के विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
* सांस्कृतिक रक्षा और राष्ट्र निर्माण में हिंदू समाज की भूमिका पर विशेष चर्चा की गई।
कार्यक्रम के अंत में संघ के स्वयंसेवकों ने समाज के प्रबुद्ध जनों से राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय सहभागिता की अपील की। संगोष्ठी का समापन राष्ट्रगान के साथ गरिमामय वातावरण में हुआ।



