
बंदूक छोड़ कलम थामा,अब नक्सलियों की नई शुरुआत,
नारायणपुर -उल्लास महापरीक्षा के तहत राष्ट्रव्यापी बुनियादी साक्षरता एवं ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन नक्सल पुनर्वास केंद्र लाइवलीहुड कालेज नारायणपुर हुआ ,जिसमें उप जेल नारायणपुर को भी बनाया गया है उल्लास परीक्षा केन्द्र, 15 विचाराधीन बंदियों ने भी दी परीक्षा। जिनमें 8 नक्सल मामलों के विचाराधीन बंदी भी शामिल थे,छत्तीसगढ़ सरकार के पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर समाज के मुख्य धारा में लौटे नक्सलियों को भी उल्लास परीक्षा के तहत साक्षर किया जा रहा है। पुनर्वास केंद्र के 90 माओवादियों ने परीक्षा मे बैठ कर साक्षरता परीक्षा दिया, इस परीक्षा की खास बात यह है जो दशकों तक हांथ में बंदूक थामे माओवादी हिंसा की रास्ता को छोड़ कर समाज के मुख्य धारा मे जुड़ कर राष्ट्र के विकास की दिशा मे आगे बढ़ने का मन बना लिया है, वे अब बंदूक छोड़ उन्होंने कलम चलाया,



