छत्तीसगढ़ सवरा समाज संघ, जिला इकाई जशपुर के तत्वावधान में पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत तमता (घुटरापारा) में आयोजित दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन रविवार को हर्षोल्लास और सामाजिक एकता के संकल्प के साथ संपन्न हुआ। इस 22वें जिला स्तरीय महाधिवेशन में समाज की सांस्कृतिक विरासत की झलक और भविष्य के विकास की रूपरेखा स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
परंपरागत स्वागत और तुलादान
कार्यक्रम के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय उपस्थित रहीं। समाज के कार्यकर्ताओं ने विधायक का स्वागत अनूठे अंदाज में किया; उन्हें सवरा समाज के पारंपरिक व्यंजन ‘अरसा रोटी’ (गुड़ से निर्मित) से तौलकर (तुलादान) ऐतिहासिक अभिनंदन किया गया। यह दृश्य सामाजिक प्रेम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बना।
क्षेत्र के विकास और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए मंच से महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं:
विधायक गोमती साय: सवरा समाज के लिए 10 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा की।
जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय: शबरी गुड्डी के निर्माण हेतु 3 लाख रुपये देने की घोषणा की।
दो दिवसीय इस कार्यक्रम की शुरुआत शनिवार को इष्ट देवी माता शबरी के पूजन व आरती से हुई।
सामाजिक पदाधिकारियों ने समाज की ‘सामाजिक नियमावली’ में महत्वपूर्ण बदलावों पर चर्चा की और नए प्रावधानों का विमोचन किया।
नवनियुक्त पदाधिकारियों को समाज सेवा और कुरीति निवारण की शपथ दिलाई गई।
समाज के सक्रिय कार्यकर्ताओं और प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को मंच पर सम्मानित किया गया।
विधायक गोमती साय ने कहा कि सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है और सवरा समाज के उत्थान के लिए वे सदैव तत्पर रहेंगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा:
> “समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा ही एकमात्र रास्ता है। युवाओं को नशे से दूर रहकर अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। जब समाज एकजुट होता है, तभी सशक्तिकरण सुनिश्चित होता है।”
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प्रदेश अध्यक्ष पी.एल. सिदार ने समाज को माता शबरी का वंशज बताते हुए गौरवपूर्ण इतिहास को याद किया और जाति प्रमाण पत्र की समस्याओं के समाधान हेतु विधायक का आभार व्यक्त किया।
इस महाधिवेशन में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता, सरपंच संघ अध्यक्ष रोशन प्रताप सिंह, मंडल अध्यक्ष विशाल अग्रवाल, सरपंच श्रीमती सीता बाज, और सवरा समाज के जिलाध्यक्ष सुनाधर विशाल प्रमुख रूप से शामिल रहे। साथ ही सावरा समाज के लोग महासमुंद, रायगढ़, बलौदाबाजार, सारंगढ़, जगदलपुर और सरगुजा के जिलाध्यक्षों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सवरा समाज की एकजुटता, शिक्षा के प्रति जागरूकता और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का एक सशक्त संदेश साबित हुआ।





