अमित दुबे की रिपोर्ट
रतनपुर।
महा नवमी एवं राम नवमी के पावन अवसर पर नगर स्थित अन्नपूर्णा देवी मंदिर में भक्ति, श्रद्धा और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर मंदिर परिसर में कन्या भोज, ब्राह्मण भोज, साधु-संत भोज के साथ-साथ विशाल सार्वजनिक भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें नगरवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
सुबह से ही मंदिर में पूजा-अर्चना, हवन और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम प्रारंभ हुआ। इसके पश्चात कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन कराया गया, जिसे हिंदू परंपरा में अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। इसके बाद ब्राह्मणों एवं साधु-संतों को विधिवत भोजन कराया गया और अंत में आम श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई।
मंदिर परिसर में दिनभर भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने माता अन्नपूर्णा के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की और भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और भक्तिमय माहौल बना रहा।
अन्नपूर्णा मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित हरीश दुबे ने बताया कि महा नवमी और राम नवमी का यह पावन संयोग अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन माता अन्नपूर्णा की विशेष पूजा करने से घर में अन्न-धन की कभी कमी नहीं होती और सुख-शांति बनी रहती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में एकता और सेवा भाव का संचार होता है।
वहीं पुजारी पंडित जगदेव ने कहा कि कन्या भोज और साधु-संतों की सेवा भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण परंपरा है। इससे पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया।
आयोजन में शामिल एक श्रद्धालु ने कहा कि इस प्रकार के भव्य धार्मिक कार्यक्रमों से मन को अत्यंत शांति मिलती है। साथ ही, समाज के सभी वर्गों को एक साथ जोड़ने का यह एक सुंदर माध्यम है। उन्होंने मंदिर समिति की सराहना करते हुए कहा कि व्यवस्थाएं बहुत ही उत्तम थीं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में मंदिर समिति, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नगरवासियों का विशेष योगदान रहा। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिला।





