तमता। पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तमता के शासकीय स्कूल परिसर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पिछले 16 वर्षों से अधिक समय से सरकारी आवास में रहकर सेवाएं दे रहीं दो महिला कर्मचारियों ने पदोन्नति और स्थानांतरण के बाद नियमों को ताक पर रख दिया। तबादले के बाद आवास खाली करते समय ये कर्मचारी अपना सारा सामान तो ले ही गईं, साथ ही सरकारी आवास की बाउंड्रीवॉल में लगे लोहे के दोनों मुख्य गेट भी उखाड़ ले गईं।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन महिला कर्मचारियों ने लंबे समय तक यहां रहने के दौरान अपनी सुविधा के लिए सरकारी आवास की मूल ईंट की बाउंड्रीवॉल को तुड़वाकर वहां लोहे के बड़े गेट लगवाए थे। साल 2026 में प्रमोशन के बाद जब उनका तबादला अन्यत्र हुआ, तो जाते-जाते उन्होंने उन भारी गेटों को भी बाउंड्री से उखाड़ लिया और अपने साथ ले गईं।
ग्रामीणों ने जताई आपत्ति
इस कृत्य से स्थानीय लोगों में खासी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि कर्मचारियों ने इतने वर्षों तक उस मकान में रहकर अपनी सुविधा के लिए बड़े गेट का निर्माण कराया था, जो कि पहले एक सामान्य ईंट की बाउंड्रीवॉल हुआ करती थी। लोगों का मानना है कि यदि वे अपना लोहे का गेट उखाड़ कर ले ही गई थीं, तो उन्हें कम से कम नैतिकता के आधार पर ईंट और सीमेंट की बाउंड्रीवॉल का दोबारा निर्माण करवा कर जाना चाहिए था, ताकि सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचे और परिसर खुला व असुरक्षित न रहे।
सरकारी आवासों में कर्मचारियों की इस तरह की मनमानी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने का यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।




