अमित दुबे की रिपोर्ट
रतनपुर।
धार्मिक एवं पौराणिक नगरी रतनपुर में स्थित गज किला परिसर में विराजमान राम भक्त हनुमान जी के मंदिर में गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को हनुमान जयंती का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हनुमान भक्त एवं मित्र मंडली रतनपुर द्वारा भव्य धार्मिक आयोजन, पूजा-अर्चना, कन्या भोज, ब्राह्मण भोज एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8:00 बजे विधि-विधान से पूजा-पाठ के साथ हुआ। पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान हनुमान जी का विशेष श्रृंगार एवं अभिषेक किया गया। इसके पश्चात हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालु भक्ति भाव से लीन होकर प्रभु की आराधना करते नजर आए। मंदिर परिसर “जय श्री राम” और “जय बजरंगबली” के जयकारों से गूंजता रहा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
दोपहर 1:00 बजे से कन्या भोज एवं ब्राह्मण भोज का आयोजन किया गया, जिसमें विधिवत पूजन कर कन्याओं को भोजन कराया गया और आशीर्वाद प्राप्त किया गया। इसके पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में सभी के लिए बैठकर भोजन करने की व्यवस्था की गई थी तथा सेवा में लगे कार्यकर्ताओं ने पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ व्यवस्था संभाली।
आयोजन को सफल बनाने में हनुमान भक्त एवं मित्र मंडली के सदस्यों, स्थानीय युवाओं एवं श्रद्धालुओं का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के दौरान साफ-सफाई, पेयजल, बैठने की व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे, जिससे पूरे आयोजन में अनुशासन और सुव्यवस्था बनी रही।
इस अवसर पर वार्ड क्रमांक 4 के पार्षद सुनील अग्रवाल ने कहा कि हनुमान जयंती हमें भगवान हनुमान जी के आदर्शों—सेवा, निष्ठा, साहस और समर्पण—को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में आपसी प्रेम, एकता और भाईचारे को मजबूत करते हैं तथा युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान जी के चरणों में सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। गज किला स्थित हनुमान मंदिर में आयोजित यह भव्य कार्यक्रम आस्था, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया।






