बुलंद टाइम्स के लिए अनीष मिश्रा की रिपोर्ट
ग्राम रकेला में पंडित रामनरेश पायसी जी के निवास पर 24 घंटे का अखंड संगीतमय रामायण पाठ भव्य रूप से संपन्न हो रहा है। पूरे गांव में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है, जहां हर ओर राम नाम की गूंज सुनाई दे रही है।
इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि पाठ के साथ संपूर्ण संगीत व्यवस्था भी घर के ही सदस्यों द्वारा की जा रही है। पंडित रामनरेश पायसी जी, जो कि एक सेवानिवृत्त संस्कृत शिक्षक हैं, के घर में लगभग सभी प्रकार के वाद्य यंत्र उपलब्ध हैं और उन्हें बजाने वाले कलाकार भी परिवार के भीतर ही मौजूद हैं। उनके बेटे, भतीजे, बेटियां, भांजे रिस्तेदार सहित लगभग सभी सदस्य संस्कृत और संगीत के जानकार तथा कलाकार हैं, जो पूरे मनोयोग से इस आयोजन को सफल बना रहे हैं।
ग्राम रकेला की पहचान भी जिले में “धर्म की नगरी” के रूप में है। यहां के अधिकांश घरों में संगीत और भक्ति की परंपरा जीवित है, जहां हर व्यक्ति किसी न किसी वाद्य यंत्र में निपुण है। इस सांस्कृतिक और धार्मिक वातावरण को बनाए रखने में पंडित रामनरेश पायसी जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने अपने शिक्षक जीवन के साथ-साथ समाज में संगीत और संस्कृत के प्रचार-प्रसार में निरंतर कार्य किया।
सेवानिवृत्ति के बाद अब वे अपना अधिक समय इसी दिशा में समर्पित कर रहे हैं। उनका कहना है कि “धर्म और संगीत दोनों ही जीवन को सकारात्मक ऊर्जा देते हैं, और नई पीढ़ी को इससे जोड़ना हमारा कर्तव्य है।”
इस तरह के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि गांव की सांस्कृतिक समृद्धि और पारिवारिक एकता का भी अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।




