इसी क्रम में NTEP स्टाफ एवं क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी द्वारा हाई-रिस्क ग्राम AAM–Hlamimunjmeta के तेंदूपत्ता फड़ में विशेष विजिट किया गया, जहां AI आधारित HHX-Ray तकनीक के माध्यम से 71 व्यक्तियों की टीबी स्क्रीनिंग सफलतापूर्वक की गई।
इस अवसर पर जिला क्षय अधिकारी (DTO) द्वारा उपस्थित ग्रामीणों को “टीबी मुक्त भारत” के 100 दिवसीय अभियान की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने ग्रामीणों को समय पर जांच कराने, लक्षणों को नजरअंदाज न करने तथा अपने पंचायत को टीबी मुक्त बनाने के लिए HHX-Ray स्क्रीनिंग का अधिक से अधिक लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान टीबी रोग के लक्षण, संक्रमण के खतरे, बचाव के उपाय एवं निःशुल्क उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की गई। AI तकनीक से युक्त HHX-Ray स्क्रीनिंग के माध्यम से कम समय में अधिक लोगों की सटीक जांच संभव हो रही है। इसी कड़ी में पूसा गांव, ब्रहबेड़ा में 105 लोगों का एक्स-रे किया गया, जिसमें 45 महिलाएं एवं 26 पुरुष शामिल रहे।
टीम द्वारा देर शाम तक सतत प्रयास करते हुए स्क्रीनिंग कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया, जो स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इसके अतिरिक्त, DTO द्वारा मरकाबेड़ा ग्राम के तेंदूपत्ता फड़ का भी दौरा किया गया। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर टीबी स्क्रीनिंग के महत्व पर प्रकाश डाला गया तथा सभी को AI आधारित HHX-Ray जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया।
आज आयोजित शिविर में CHO, मितानिन एवं MT का सराहनीय सहयोग रहा, जिनके संयुक्त प्रयासों से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
**“टीबी हारेगा, देश जीतेगा” के संकल्प के साथ नारायणपुर जिला टीबी मुक्त भारत की दिशा में निरंतर अग्रसर है।**



