अमित दुबे की रिपोर्ट
रतनपुर। भारतीय थल सेना में 30 वर्षों तक राष्ट्र की सेवा कर गौरवपूर्ण योगदान देने वाले सूबेदार सत्येंद्र जायसवाल के सेवानिवृत्त होकर गृह नगर रतनपुर आगमन पर नगरवासियों ने उनका ऐतिहासिक एवं भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर पूरे नगर में देशभक्ति का उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला।
सूबेदार जायसवाल के स्वागत के लिए नागरिकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ढोल-नगाड़ों की गूंज, पुष्पवर्षा और “भारत माता की जय” के नारों के साथ उनका अभिनंदन किया गया। नगर के प्रमुख मार्गों से उनका स्वागत जुलूस निकाला गया, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
अपने संबोधन में सूबेदार सत्येंद्र जायसवाल ने सेना में बिताए गए 30 वर्षों के अनुभव, संघर्ष और गौरवपूर्ण क्षणों को साझा किया। उन्होंने कहा कि देश सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं होता और सेना में रहते हुए हर पल राष्ट्र के लिए समर्पित रहने का गर्व उन्हें हमेशा रहेगा। उन्होंने युवाओं को भी देश सेवा के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर संजय जायसवाल ने कहा कि सूबेदार सत्येंद्र जायसवाल ने अपने समर्पण और साहस से पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और उनकी सेवाएं हमेशा स्मरणीय रहेंगी।
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर सूबेदार जायसवाल के उज्ज्वल भविष्य और स्वस्थ जीवन की कामना की।





