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बुलंद टाइम्स न्यूज़/सुरेश वर्मा
कवर्धा। प्रधानमंत्री आवास योजना की पारदर्शिता पर कवर्धा में गंभीर सवाल उठे हैं। शिकायतकर्ता डोगेन्द्र सेन ने 9 और 10 जून 2025 को दस्तावेजों सहित शिकायत की थी कि ग्राम सैगोना, कुसुमघटा और गुड़ा के 5 परिवारों के पास पहले से पक्के मकान हैं, फिर भी उन्हें PMAY का लाभ दिया गया। शिकायत में खसरा नंबर 31/45, 68/19, 65/25 और 783 तक दर्ज हैं।

इस शिकायत पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी, कवर्धा ने 12 जून 2025 को जिला पंचायत CEO को पत्र लिखकर सरपंच, सचिव व पटवारी की संयुक्त टीम से मौके की जांच कर पंचनामा रिपोर्ट मांगी थी। उद्देश्य था कि वस्तुस्थिति स्पष्ट होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मगर आदेश के 1 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जांच की नाव किनारे नहीं लगी। न पंचनामा रिपोर्ट आई, न किसी अपात्र पर कार्रवाई हुई। योजना का सागर गहरा है, पर विभाग की लापरवाही की लहरें असली जरूरतमंदों के सपनों को डुबो रही हैं। शिकायतकर्ता को सिर्फ प्रतिलिपि थमाकर फाइल बंद कर दी गई।

अब सवाल यह कि जब सबूत खसरा नंबर के साथ सामने हैं, तो जांच किस किनारे पर अटकी है? अपात्रों से वसूली का सूरज कब उगेगा?




