अभिषेक नायक की रिपोर्ट:-
मध्यप्रदेश| पन्ना मध्यप्रदेश आयुष विभाग द्वारा वर्षा ऋतु में आयुष आपके द्वार योजना संचालित की जा रही है। इसके माध्यम से सितम्बर माह तक घर-घर जाकर वर्षाजनित रोग एवं अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए आयुष औषधियों का वितरण किया जा रहा है। जिला आयुष अधिकारी डॉ. आर.के. वर्मा ने बताया कि वर्षाकाल में आयुष मिशन के तहत लोक स्वास्थ्य सेवा प्रदाय गतिविधि अंतर्गत शिविर अथवा आयुष मेला का आयोजन संभव नहीं होता। साथ ही चिकित्साविहीन क्षेत्रों के आमजन औषधालय एवं चिकित्सा संस्थान नहीं पहुंच पाते हैं। इसलिए आयुष विभाग द्वारा वर्षा ऋतु में तीन माह के लिए आयुष आपके द्वारा योजना संचालित की जा रही है।
गत जुलाई माह से प्रारंभ योजना का मुख्य उद्देश्य जनसामान्य के रोग कष्ट का निवारण करना है। विभाग के कर्मचारियों द्वारा डोर टू डोर संपर्क कर सामान्य वर्षा ऋतु जन्य विकारों और सामान्य विकारों की निवारक दवा का वितरण किया जा रहा है। विभाग के चिकित्सा संस्थानों के क्षेत्र में निवासरत लोगों को घर पहुंच सेवा का लाभ देने के साथ ही हाट बाजार, पंचायत व स्थानीय विद्यालय तथा महाविद्यालय एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में सामान्य रोग की पहचान कर दवा का वितरण किया जाता है।
इसके अलावा विशेष रोग से ग्रसित रोगी को औषधालय एवं चिकित्सालय में चिकित्सक द्वारा चिकित्सा परामर्श लेने की सलाह भी दी जाती है। आयुष आपके द्वारा योजना के लाभार्थियों में चलने फिरने में असमर्थ वृद्धजन, बच्चे व गृह कार्य में व्यस्त महिलाओं सहित दूरस्थ चिकित्साविहीन ग्रामों में निवास करने वाले लोग शामिल हैं। विषम परिस्थिति में रोगी व्यक्ति तक दवा की आसानी से उपलब्धता वरदान बनी है।
इस संबंध में आयुष चिकित्सा पद्धति के लाभों से अपरिचित व्यक्ति भी जानकारी लेकर लाभ प्राप्त कर रहे हैं। आयुर्वेद व आयुष के प्रचार-प्रसार में भी यह योजना मुख्य भूमिका निभा रही है। साथ ही योजना में वर्षा ऋतु में स्वास्थ्य दिशा निर्देश के साथ ही हर्बल गार्डन, पथ्य-अपथ्य, दिन चर्या, ऋतु चर्या इत्यादि की जानकारी भी प्रदान की जाती है। इसके माध्यम से आवश्यक उपाय अपनाकर आमजन स्वास्थ्य की रक्षा स्वयं करने में सक्षम हुए हैं। साथ ही रोगग्रसित व्यक्ति के साथ स्वस्थ्य व्यक्ति भी घरेलू उपचार एवं सही व उचित दिनचर्या का पालन कर रहे हैं। आयुष आपके द्वारा योजना जनमानस को स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने में सफल साबित हुई है।



