रामेश्वर सिंह क्षत्रिय
जांजगीर-चांपा
जांजगीर-चांपा –– जिले का एकमात्र राम मिलेंगे आश्रम ( तेंदुआ धाम)ख़ैरताल शिवरीनारायण मार्ग पर स्थित है जहां पर भव्य मंदिर का निर्माण अयोध्या के श्री राम मंदिर के तर्ज पर बहुत तेजी से हो रहा है जिसकी लोकार्पण के लिए भारत के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी 2028 में आएंगे यह घोषणा चित्रकूट धाम जगतगुरु पीठाधीश्वर महाराज श्री रामभद्राचार्य जी ने तेंदुआ धाम में राम कथा के माध्यम से व्यास पीठ पर बैठकर पहले से घोषणा कर चुकी है राम कथा के समय छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री माननीय विष्णु देव साय जी अपने पूरे परिवार सहित राम कथा श्रवण के लिए पधारे हुए थे उसी समय आश्रम के संचालक एवं व्यवस्थापक डॉ अशोक हरिवंश जी ने मुख्यमंत्री के समक्ष ख़ैरताल शिवरीनारायण मार्ग की जर्जर हालत एवं बदहाली को बतलाते हुए श्री विष्णु देव साय से आग्रह करते हुए
आवागमन की व्यवस्था के लिए निवेदन किया था जिसको तत्काल माननीय मुख्यमंत्री जी ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी थी! यह आश्रम के लिए कोई बहुत बड़ी बात नहीं है क्योंकि जी आश्रम में स्वयं जगतगुरु रामभद्राचार्य जी का आशीर्वाद प्राप्त हो उस आश्रम के लिए कोई भी कार्य अ संभव नहीं है यह बात सभी राजनीतिक दलों के साथ-साथ आसपास के सभी लोगों को भी पता है भले ही राजनीतिक दल के नेता लोग अपनी अपनी श्रेय लेने के लिए होड मचाए हुए हैं जब बड़ा कार्य होता है तो स्वाभाविक सी बात है कि राजनीतिक दल के नेता लोग ऐसी चीजों में सबसे आगे रहते हैं खास करके सत्ताधारी पार्टी के नेताओ का कहना ही क्या! जबकि सभी को पता है कि जांजगीर-चांपा जिले के अंदर एक भी सत्ताधारी पार्टी के विधायक नहीं है|

सभी विधानसभा में कांग्रेसी विधायक ही अपना परचम लहरा कर कब्जा जमाए हुए हैं जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आने लगता है नेता लोग सभी ऐसी चीजों में अपनी नाम को आगे रखने के लिए उठा पटक में लग जाते हैं जबकि वास्तविक रूप से पार्टी के आलाकमानो को अंदर की बात पहले से पता रहता है फिर भी चाहे जैसा भी हो हमारा मुख्य उद्देश्य है कि आवागमन के लिए सड़क की निर्माण के साथ-साथ बिजली पानी की व्यवस्था बहुत ही अनिवार्य होती है राजनीतिक दृष्टि से हम हठ कर बात करें तो हम सबके लिए ऐसा काम सभी को मिलकर करना ही चाहिए चाहे वह राजनीतिक हो सामाजिक हो या कोई भी संगठन हो सब की भागीदारी बराबर रहती है
हम सब इसके लिए माननीय मुख्यमंत्री जी के लिए आभार व्यक्त करना ही चाहिए इस प्रशासकीय स्वीकृति के पहले हमने भी सड़क की जर्जर स्थिति को प्रकट करते हुए समाचार प्रकाशित किए थे हम यह चाह रहे हैं कि प्रशासकीय स्वीकृति के बाद सड़क निर्माण कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो क्योंकि छत्तीसगढ़ के लोगों को आश्रम मठ मंदिरों के प्रति अटूट श्रद्धा रहती है और इस अटूट श्रद्धा को बनाए रखने के लिए सड़क की गुणवत्ता पर भी ध्यान रखा जाए! प्रेस के माध्यम से हम भी माननीय मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार प्रकट करते हैं|




