दंतेवाड़ा, 04 नवंबर 2026। जिले के सुदूर और दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में विकास की नई सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कुआकोंडा विकासखंड के अंतर्गत बैलाडीला की पहाडि़यों और घने जंगलों के बीच बसे लावा गांव में पहली बार सामुदायिक टेलीविजन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिला प्रशासन के सहयोग से छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा यहां कम्युनिटी सोलर टीवी स्थापित किया गया है। महज 21 परिवारों वाले इस आदिवासी गांव के लिए यह एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे ग्रामीण अब पहली बार अपने गांव में ही टेलीविजन के माध्यम से देश-दुनिया से जुड़ सकेंगे।
किरंदुल के मुख्य लौह अयस्क खनन क्षेत्र से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित लावा गांव आज भी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से जूझ रहा है। गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों को राशन सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए पहाड़ी और पथरीले रास्तों से पैदल आवागमन करना पड़ता है। लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहे इस क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के कारण प्रशासनिक पहुंच और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी सीमित रहा।समय के साथ सुरक्षा बलों के प्रयासों और क्षेत्र में बेहतर सुरक्षा वातावरण बनने से अब यहां विकास कार्यों को गति मिल रही है। जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा गांव का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया जा रहा है। इसके माध्यम से उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं को समझते हुए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जा रही है।

गांव में पारंपरिक विद्युत व्यवस्था की पहुंच नहीं होने के कारण सौर ऊर्जा आधारित कम्युनिटी टीवी की स्थापना की गई है। इससे अब ग्रामीणों को समाचार, शासकीय योजनाओं, कृषि संबंधी जानकारियों और स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी मिल सकेगी। वहीं बच्चों को ज्ञानवर्धक एवं शिक्षाप्रद कार्यक्रम देखने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके सामान्य ज्ञान और सीखने की क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।
सामुदायिक टीवी की सुविधा से गांव के सभी 21 परिवारों के लोग एक स्थान पर एकत्रित होकर समाचार और मनोरंजक कार्यक्रम देख सकेंगे। इससे न केवल मनोरंजन के नए साधन उपलब्ध होंगे, बल्कि ग्रामीणों के बीच आपसी मेलजोल और सामुदायिक सहभागिता भी बढ़ेगी। सौर ऊर्जा से संचालित यह व्यवस्था ऐसे दुर्गम क्षेत्रों के लिए उपयोगी साबित होगी, जहां पारंपरिक बिजली व्यवस्था पहुंचाना चुनौतीपूर्ण है।
लावा गांव में कम्युनिटी सोलर टीवी की स्थापना इस बात का उदाहरण है कि अब विकास की सुविधाएं जिले के अंतिम छोर पर बसे गांवों तक पहुंच रही हैं। वर्षों तक बुनियादी सुविधाओं से दूर रहे इस गांव में आधुनिक संचार सुविधा की शुरुआत ग्रामीणों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। जिला प्रशासन और क्रेडा की यह पहल सौर ऊर्जा के उपयोग के साथ ग्रामीणों को सूचना, शिक्षा और मनोरंजन की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।




