अमरजीत सिंह
बुलन्द टाईम्स न्यूज
कोरिया/बैकुंठपुर – खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में कोरिया जिले के किसानों को अपने नजदीक धान बेचने की सुविधा मिलेगी। बड़गांव, मनसुख और पीपरडांड में तीन नए धान उपार्जन केंद्र खुलने से 2,271 किसानों को राहत मिलेगी। इससे धान परिवहन में लगने वाले समय और खर्च की बचत होगी। जिले में अब 21 आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के अंतर्गत कुल 24 धान उपार्जन केंद्र संचालित होंगे। धान खरीदी 15 नवंबर से प्रारंभ होगी, जबकि ऑनलाइन टोकन 10 नवंबर से जारी किए जाएंगे।
कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा की। खाद्य, सहकारिता, कृषि, मार्कफेड एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक में उन्होंने पारदर्शी एवं व्यवस्थित खरीदी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। किसानों से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदा जाएगा।
कलेक्टर ने सभी उपार्जन केंद्रों में किसानों के लिए पेयजल, छाया, बैठने सहित आवश्यक सुविधाएं खरीदी शुरू होने से पहले सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने नए एवं पुराने बारदानों की पर्याप्त उपलब्धता रखने तथा तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
यादव ने उपार्जन केंद्रों में अवैध रूप से लाए गए, पुराने तथा अमानक धान के विक्रय पर सख्ती से रोक लगाने को कहा। उन्होंने अधिकारियों एवं समिति प्रबंधकों को खरीदी प्रक्रिया में सतर्कता बरतने और किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के निर्देश दिए।
खसरा और एग्रीस्टैक की प्रविष्टियों का होगा मिलान
कलेक्टर ने किसानों के सभी खसरों का एग्रीस्टैक पोर्टल की प्रविष्टियों से मिलान कर समय पर प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रकबे में कमी, खसरा छूटने अथवा फसल की गलत प्रविष्टि जैसी समस्याओं का समय रहते निराकरण किया जाए। डिजिटल क्रॉप सर्वे के अंतर्गत ग्राम सभाओं के माध्यम से गिरदावरी एवं फसल रकबे का वाचन और प्रमाणीकरण कराने के भी निर्देश दिए गए।
बड़गांव के 582 और मनसुख के 586 किसानों को मिलेगी सुविधा
नवीन बड़गांव उपार्जन केंद्र से बड़गांव, कोट, मुड़िझरिया, जामपानी, डुभापानी, बस्ती, नरकेली, देवरी, नरसिंहपुर, मोदीपारा और पतरापाली सहित 11 गांवों के 582 किसान लाभान्वित होंगे।
जामपारा समिति के अंतर्गत बनाए गए मनसुख उपार्जन केंद्र से मनसुख, पोटेडांड, पिपरहिया, चिल्का, अमरपुर, टेंगनी, सुरमी, मदनपुर, धरमपुर, रोबो, माटीझरिया और डोहड़ा सहित 12 गांवों के 586 किसानों को नजदीक में धान बेचने की सुविधा मिलेगी।
पटना समिति के अंतर्गत नवीन पीपरडांड उपार्जन केंद्र से पीपरडांड, बरदिया, करहियाखांड, नानभान, कटकोना, पूटा, अंगा, मुरमा और चम्पाझर सहित नौ गांवों के 1,103 किसान लाभान्वित होंगे। इस केंद्र का नाम प्रारंभ में नानभान प्रस्तावित था, जिसे संशोधित कर पीपरडांड किया गया है। पहले इन किसानों को धान बेचने के लिए दूसरे उपार्जन केंद्रों तक जाना पड़ता था।
पुनर्गठन से बनीं पांच नई सहकारी समितियां
प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन योजना 2025 के तहत जिले की छह मौजूदा समितियों के कार्यक्षेत्र का पुनर्गठन कर बड़ेकलुवा, बंजारीडांड, बड़गांव, कटगोड़ी और छिंदिया नाम से पांच नई समितियां गठित की गई थीं। इनमें बड़ेकलुवा, बंजारीडांड, कटगोड़ी और छिंदिया पहले से धान उपार्जन केंद्र थे। बड़गांव को वर्ष 2026 में नए उपार्जन केंद्र की स्वीकृति मिली है।
जिले के कुल 24 उपार्जन केंद्रों में 21 केंद्र सहकारी समितियों के नाम पर संचालित हैं। मनसुख, पीपरडांड और अकलासराई अलग सहकारी समितियां नहीं हैं, बल्कि संबंधित समितियों के अंतर्गत संचालित अतिरिक्त उपार्जन केंद्र हैं।





