योगेश्वर साहू की रिपोर्ट -गरियाबंद छुरा घटारानी
गरियाबंद /छुरा। फुलझर में आयोजित जिला स्तरीय सिरजन लोक कला महोत्सव एवं साहित्य सम्मेलन में जिले भर के कलाकारों ने मंच पर ऐसा समा बांधा कि दर्शक देर रात तक पंडाल में जमे रहे। सुबह 11 बजे शुरू हुआ कार्यक्रम रात तक चला, लेकिन लोगों का उत्साह जरा भी कम नहीं हुआ।
भरथरी, चंदैनी, बांसगीत, सुआ गीत, पंथी, पण्डवानी और नाचा की प्रस्तुति पर पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। आदिवासी कमार नृत्य और मारिया नृत्य ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रवीण साहू अध्यक्ष जिला साहू संघ गरियाबंद रहे। अध्यक्षता सिरजन के प्रांताध्यक्ष डॉ. दीनदयाल साहू ने की। प्रथम सोपान में मुख्य अतिथि सभापति नंदनी ओंकार साहू और अध्यक्षता सभापति शिवांगी चतुर्वेदी ने की।
मंच से मुख्य अतिथि प्रवीण साहू ने कहा, लोक कला ही छत्तीसगढ़ की असली पहचान है। सिरजन संस्था इस पहचान को बचाने का काम कर रही है। फुलझर जैसे गांव में इतना बड़ा आयोजन होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
कविता संगोष्ठी में कवियों ने अपनी रचनाओं से खूब वाहवाही लूटी। अतिथियों का पुष्पहार और श्रीफल से सम्मान हुआ।
आयोजन में संयोजक बाबूलाल साहू, यश कुमार साहू, सहसंयोजक नंदकुमार ध्रुव, दशरथ तारक, चौवाराम यादव, सांस्कृतिक प्रभारी डॉ. ईश्वर तारक और संस्थापक गौकरण मानिकपुरी का विशेष सहयोग रहा।
आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा पहुंचे थे। दिनभर गांव में मेले जैसा माहौल बना रहा।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथिगण –
प्रथम सोपान : नंदनी ओंकार साहू, शिवांगी चतुर्वेदी, इन्द्रजीत महाड़िक, राघोबा महाड़िक, गजेश्वर सिन्हा, तारण सिंह पटेल, जहुर दीवान, संतु राम ध्रुव, दिनेश ध्रुव, चैतु राम ध्रुव, खेमू राम ध्रुव।
द्वितीय सोपान : प्रवीण साहू, डॉ. दीनदयाल साहू, मोती राम निषाद, संतोष दीवान, महेन्द्र ध्रुव, डीहू राम साहू, रुपेश कुमार ध्रुव, पुराणिक ध्रुव, ईश्वर यादव, हेमलाल यादव, हरिश चंद तारक, भूनेश्वर साहू, तुलसी राम साहू।
दीप प्रज्ज्वलन : आचार्य पं. पुष्कर तिवारी लोहरसी, डॉ. राजाराम सिन्हा। कार्यक्रम को सफल बनाने ग्रामीण लोग उपस्थित रहे।





