तेन सिंह ठाकुर की रिपोर्ट:-
नारायणपुर| भंडारा आज विहंगम योग संत समाज जिला नारायणपुर के द्वारा अत्यंत हर्षोल्लास पूर्वक विहंगम योग के प्रणेता , अमर हिमालय योगी अनन्त सद्गुरु सदाफल देव जी महाराज की 137 वीं जन्म जयंती समारोह मनाई गई। इस अवसर पर वृहद भंडारा का आयोजन किया गया। संत समाज के गुरु भाई बहनों के द्वारा शहर में हजारों लोगों को खिचड़ी प्रसाद व पानी बांटा गया।
सद्गुरु सदाफल देव जी महाराज ने अपनी 17 वर्षो की कठिन साधना के पश्चात् महाभारत काल से विलुप्त हुए ब्रह्मज्ञान को जन सामान्य के लिए सुलभ किया और अपनी अनुभूति को दिव्यतम, महान सदग्रंथ “स्वर्वेद” में सहज,सरल, बोधगम्य, हिन्दी भाषा में निरूपित किया, जिसका आध्यात्मिक लाभ आज पूरा विश्व ले रहा है।
जब भारत देश अंग्रेजों के हाथों गुलाम था तब स्वतंत्रता संग्राम में सर्वप्रथम 1854 में दानापुर की छावनी में क्रांतिकारी भाषण देने के बाद अंग्रेजी हुकुमत के द्वारा दो वर्ष का कारावास की सजा में जाने वाले प्रथम स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे “सद्गुरु सदाफल देव जी महाराज”।
भारत की संस्कारधानी वाराणसी (ऊ.प्र.)में बन रहा है विश्व का सबसे बड़ा साधना केंद्र “स्वर्वेद महामंदिर धाम”।जिसमें 20,000 साधक एक साथ बैठकर साधना कर सकते हैं। जिसके पवित्र प्रांगण में आगामी दिनांक 6व 7 दिसंबर को आयोजित होने जा रही है “25000 कुण्डीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ”।
उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में महेन्द्र कुमार जी, मनोज सोनी जी, जोहरी लाल जी चौरडिया रहे। दयाराम देवांगन जी, मन्नू कोठारे जी ,सुदुराम कश्यप जी, वीरेंद्र निषाद जी, झम्मन लाल देवांगन ,ओमकार कौशिक, सुरेंद्र सोरी, मंगल कुमेटी, सगुन कुमेटी , जितेंद्र रजक जी, कमलेश साहू जी, मति गीता रावटे, मति सनवारी पट्टावी, वंदना कौशिक, तथा भारी संख्या में गुरु भाई बहन उपस्थित थे।



